Mulank 4 Ank Jyotish Rashifal 2026: जिस भी व्यक्ति का जन्म किसी भी वर्ष तथा किसी भी माह की 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, उनका जन्मांक 4 है। अंक 4 का स्वामी ग्रह राहु है। जन्मांक 4 वाले तकनीकी और प्रबंधकीय फील्ड में बहुत सफल होते हैं। ये लोग बहुत धार्मिक और आध्यात्मिक होते हैं। जो कार्य हाथ में लेते हैं, उसे पूरा करके ही मानते हैं।
धार्मिक गुरु, विद्यालय प्रबंधक, राजनीति, बैंकिंग, मीडिया, सिविल सेवा और न्यायिक सेवा में उच्च पद हासिल करते हैं। शनि, शुक्र और बुध ग्रह आपके परम मित्र हैं। अंक 8 आपका सबसे प्रिय मित्र अंक है। आपका शुभ रत्न गोमेद है। साल 2026 का प्रभावी अंक 1 है, जो सूर्य का है। यह साल आपके लिए धन, समृद्धि और उन्नति का रहेगा। आइए जानते हैं कि साल 2026 आपके लिए कैसा रहने वाला है?
साल 2026 जन्मांक 4 वालों की नौकरी और करियर के लिए कैसा रहेगा?
यह साल जॉब और व्यवसाय में उन्नति कराने वाला है। लॉ, एमबीए और तकनीकी फील्ड के स्टू़डेंट्स सफल होंगे। ऑफिस से विदेश जाने का अवसर मिलेगा। आईटी, मीडिया और मैनेजमेंट वाले 13 अप्रैल के बाद बहुत अनुकूल समय पाएंगे। 10 मार्च से 20 नवंबर तक पदोन्नति या जॉब चेंज के योग हैं। फिल्म-टीवी इंडस्ट्री वाले लाभान्वित होंगे। कुल मिलाकर करियर में सफलता मिलेगी।
साल 2026 में जन्मांक 4 वालों का स्वास्थ्य कैसा रहेगा?
इस साल स्वास्थ्य सुख में फरवरी, अप्रैल, जून-जुलाई में थोड़ी परेशानी हो सकती है। 13 फरवरी से 4 अप्रैल तक हेल्थ के प्रति सतर्क रहें। हड्डी और बीपी की समस्या आ सकती है। शुगर-बीपी वाले नवंबर में अलर्ट रहें। कुल मिलाकर स्वास्थ्य सुख उत्तम रहेगा।
साल 2026 जन्मांक 4 वालों की लव और मैरिड लाइफ के लिए कैसा रहेगा?
लव लाइफ सफल रहेगी। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी को फरवरी, सितंबर और नवंबर में स्वास्थ्य परेशानी हो सकती है। जनवरी से 18 मार्च और 13 मई से 18 जुलाई तक प्रेम विवाह के योग हैं। कुल मिलाकर लव और वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा।
साल 2026 में जन्मांक 4 वालों की आर्थिक स्थिति कैसी रहेगी?
यह साल धन और समृद्धि देगा। वाहन या मकान खरीदने के योग हैं। फरवरी, मई, जून और नवंबर में आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर रहेगी। कुल मिलाकर आर्थिक उन्नति होगी।
साल 2026 में जन्मांक 4 वालों के लिए शुभ समय
फरवरी, मार्च से 13 जुलाई तक और 10 सितंबर से 4 नवंबर तक का समय शुभ है।
साल 2026 में जन्मांक 4 वालों के लिए उपाय
श्री गणेश उपासना करें। विष्णु अवतार भगवान श्री कृष्ण की उपासना करें। रोज श्री सूक्त का पाठ करें। बुधवार को भैरव बाबा की पूजा करें। उड़द-तिल दान करें। बड़े भाई का चरण स्पर्श करें। बुधवार गणेश जी को दूर्वा-मोदक चढ़ाएं। गाय को पालक खिलाएं। विष्णु उपासना करें। विष्णु सहस्रनाम पाठ करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें। मंदिर में भंडारा कराएं। बुधवार सात अन्न दान करें। बुधवार दोपहर 12 से 1:30 तक राहु बीज मंत्र से दही-दूर्वा हवन करें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी अंकज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
