Ank Jyotish: अंकज्योतिष में जन्म तिथि का व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य और जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।अंकज्योतिष के अनुसार आपका जन्म जिस तारीख को होता है, वो तारीख ही आपका मूलांक या जन्मांक होती है। अगर तारीख 10 से 31 के बीच में है तो इसके अंकों का योग ही आपका मूलांक होगा।
इससे व्यक्ति की पर्सनैलिटी, रिश्तों की गुणवत्ता और स्वभाव आदि का पता चलता है। अंकज्योतिष की मानें तो कुछ विशेष तिथियों में जन्मी लड़कियां ससुराल के लिए विशेष रूप से शुभ और भाग्यशाली मानी जाती हैं। ये लड़कियां न केवल अच्छी पत्नी और बहू बनती हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का वास लेकर आती हैं। आइए जानते हैं ऐसी तिथियां कौन-सी हैं और अंकज्योतिष के अनुसार इनके पीछे के कारण क्या हैं।
मूलांक 2 (महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख में जन्मी लड़कियां)
मूलांक 2 के स्वामी चंद्रमा हैं। जो भावुकता, कोमलता और परिवार प्रेम का प्रतीक हैं। इस मूलांक वाली लड़कियां बहुत संवेदनशील, देखभाल करने वाली और घर संभालने में निपुण होती हैं। ससुराल में सभी का खयाल रखती हैं और रिश्तों में मधुरता लाती हैं। इसका मुख्य कारण है कि चंद्रमा मन का कारक होता है, जिसके कारण ये महिलाएं काफी भावुक स्वभाव वाली होती हैं। इनके पास धन की कमी नहीं होती है। अधिकतर इनको लग्जरी लाइफ मिलती हैऔर मेहनत से घर को सजाती-संवारती हैं।
मूलांक 3 (महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख को जन्मे लोग)
इस मूलांक के स्वामी गुरु ग्रह हैं। गुरु ग्रह से जुड़ा यह अंक बुद्धिमत्ता, रचनात्मकता और उदारता देता है। ऐसी लड़कियां आकर्षक, हंसमुख और दूसरों की मदद करने वाली होती हैं। ससुराल में सकारात्मक माहौल बनाती हैं और गुरु की कृपा से शादी के बाद इनका भाग्य चमकाता है। ये लड़कियां परिवार को एकजुट रखती हैं।
मूलांक 5 ( महीने की 5, 14, 23 तारीख में जन्मी महिलाएं)
इस अंक के स्वामी बुध हैं। बुध ग्रह से प्रभावित यह अंक संचार, बुद्धि और अनुकूलन क्षमता देता है। ऐसी लड़कियां जीवंत, समझदार और हर स्थिति में संभलने वाली होती हैं। ससुराल में सभी से अच्छे रिश्ते बनाती हैं। बुध की तेज ऊर्जा से घर में खुशी और नए अवसर आते हैं।
मूलांक 6 (महीने की 6, 15, 24 तारीख में जन्मी महिलाएं)
इस अंक के स्वामी शुक्र हैं। शुक्र ग्रह का यह अंक सौंदर्य, प्रेम और वैभव का प्रतीक है। इन तारीखों में जन्मी लड़कियां बहुत सुंदर, प्रेम करने वाली और घर को सजाने-सवारने में माहिर होती हैं। ससुराल में लक्ष्मी का वास होता है। शुक्र की कृपा से धन, सुख और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ती है। ये सबसे अच्छी पत्नी और बहु बनती हैं।
ससुराल में लक्ष्मी क्यों कहलाती हैं?
ये लड़कियां ससुराल में लक्ष्मी स्वरूप इसलिए मानी जाती हैं क्योंकि इनके मूलांक ग्रह धन, सुख और समृद्धि से जुड़े होते हैं। इनके आने से घर में सकारात्मक बदलाव आता है, रिश्ते मजबूत होते हैं और आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। ये मेहनती, भावुक और परिवार को प्राथमिकता देने वाली होती हैं। ससुराल वालों का सम्मान करती हैं और घर को खुशहाल बनाती हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी अंकज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
