Adhik Maas Amavasya Upay In Hindi: अधिक मास की अमावस्या तिथि आज यानि 16 अगस्त 2023 की दोपहर 03 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। इसके बाद सावन महीना शुरू हो जाएगा जो 31 अगस्त 2023 को सावन पूर्णिमा यानि रक्षा बंधन (Raksha Bandhan 2023) तक चलेगा। ज्योतिष अनुसार अधिक मास की अमावस्या (Adhik Maas Ki Amavasya Ko Kya Karna Chahiye) बेहद खास रहेगी क्योंकि 19 सालों बाद सावन (Amavasya Ke Upay) ये अमावस्या पड़ी है। इस दिन विधिवत पूजा-अर्चना करने से पितृ दोष (Pitra Dosh) से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। जानिए अधिक मास की अमावस्या के उपाय (Aadi Amavasya Ke Totke)।
अधिक मास की अमावस्या के उपाय (Amavasya Upay In Hindi)
- भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें और 108 बार ‘ॐ नम: शिवाय:’ मंत्र का जाप करें।
- गरीब और जरूरतमंद को वस्त्रों का दान करें। उन्हें भोजन करवाएं।
- अधिक मास की अमावस्या पर पूरे घर में गंगाजल से छिड़काव करें। इससे घर को पितृ दोषों से मुक्ति मिलने के साथ सुख समृद्धि भी बनी रहती है।
- इस दिन बजरंग बाण का पाठ करना बेहद फलदायी माना जाता है।
- आदि अमावस्या पर जल में तिल डालकर पितरों को अर्पित करें और उनसे सुखी जीवन की प्रार्थना करें।
- इस दिन घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और अपने पितरों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करें। इस दिन मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वस्तिक बनाना भी शुभ माना जाता है। इससे घर में खुशहाली आती है।
- अगर हो सके तो इस अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष में जल जरूर चढ़ाएं।
- अमावस्या के दिन घर के मंदिर में एक दीपक दक्षिण दिशा में जलाएं क्योंकि ये पितरों की दिशा मानी जाती है।
आदि अधिक अमावस्या पर व्रत रखने के लाभ (Aadhi Adhik Amavasya Vrat Ke Fayde)
संभव हो तो आदि अमावस्या पर व्रत रखें और पितरों का तर्पण करें। इससे आपके पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति और शांति मिलती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति औऱ घर-परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।
