अध्यात्म

अक्षय तृतीया पर जरूर करें इन मंत्रों का जाप, छप्परफाड़ होगी धन की वर्षा

Akshaya Tritiya Puja Mantra: आज अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर जब आप पूजा करें तो यहां दिए मंत्रों का जाप भी जरूर करें। इन मंत्रों का जाप बेहद शुभ और कल्याणकारी माना जाता है।

Image

अक्षय तृतीया के मंत्र (pc: canva)

Akshaya Tritiya Puja Mantra: अक्षय तृतीया पर मंत्र जप को बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए मंत्र, पूजा और दान का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। कहते हैं इस शुभ दिन पर जो भी भक्त माता की विधि विधान पूजा करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। लेकिन मंत्र का असली मतलब सिर्फ शब्द बोलना नहीं, बल्कि मन से जुड़कर उसे महसूस करना होता है। यहां से आप अक्षय तृतीया के सभी मंत्रों के बारे में विस्तार में जान सकते हैं और आज के शुभ दिन पर इनका जाप भी कर सकते हैं।

अक्षय तृतीया मां लक्ष्मी मंत्र-

  • ॐ आध्य लक्ष्म्यै नम:
  • ॐ विद्या लक्ष्म्यै नम:
  • ॐ सौभाग्य लक्ष्म्यै नम:
  • ॐ अमृत लक्ष्म्यै नम:
धन लाभ के लिए अक्षय तृतीया को करें इस मंत्र का जाप कर सकते है। इस मंत्र का 1 या 11 माला कर सकते हैं। अगर संभव ना हो तो 108 बार इसका जाप कर लें। इस मंत्र का जाप करने से मां लक्ष्मी साधक को धन धान्य से परिपूर्ण कर देती है और उसके जीवन में धन की कमी नहीं रहती है।

- सिद्धि बुद्धि प्रदे देवि भुक्ति मुक्ति प्रदायिनी।

मंत्र पुते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते।।

लक्ष्मी जी के इस मंत्र का जाप करने से धन संपदा घर में बनी रहती है।

महालक्ष्मी मंत्र

ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा

अक्षय तृतीया पूजा मंत्र

  • ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
  • ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
  • सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॥
  • गौरवं प्राप्यते दानात न तु वित्तस्य संचयात् । स्थितिः उच्चैः पयोदानां पयोधीनाम अधः स्थितिः ॥

मां लक्ष्मी स्तुति-

आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि।

यशो देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

सन्तान लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पुत्र-पौत्र प्रदायिनि।

पुत्रां देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

विद्या लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु ब्रह्म विद्या स्वरूपिणि।

विद्यां देहि कलां देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

धन लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व दारिद्र्य नाशिनि।

धनं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

धान्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वाभरण भूषिते।

धान्यं देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

मेधा लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु कलि कल्मष नाशिनि।

प्रज्ञां देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

गज लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वदेव स्वरूपिणि।

अश्वांश गोकुलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

धीर लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पराशक्ति स्वरूपिणि।

वीर्यं देहि बलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

जय लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व कार्य जयप्रदे।

जयं देहि शुभं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

भाग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सौमाङ्गल्य विवर्धिनि।

भाग्यं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

कीर्ति लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु विष्णुवक्ष स्थल स्थिते।

कीर्तिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

आरोग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व रोग निवारणि।

आयुर्देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

सिद्ध लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व सिद्धि प्रदायिनि।

सिद्धिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

सौन्दर्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वालङ्कार शोभिते।

रूपं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

साम्राज्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु भुक्ति मुक्ति प्रदायिनि।

मोक्षं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

मङ्गले मङ्गलाधारे माङ्गल्ये मङ्गल प्रदे।

मङ्गलार्थं मङ्गलेशि माङ्गल्यं देहि मे सदा।।

सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

शरण्ये त्रयम्बके देवि नारायणि नमोऽस्तुते।।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article