Ahoi Ashtami 13 october 2025 ka panchang puja ka shubh samay: आज 13 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। इसके बाद अष्टमी लग जाएगी, क्योंकि अहोई अष्टमी व्रत तारों के अर्घ्य से संबंधित है, इस कारण आज ही अहोई अष्टमी व्रत रखा जाएगा।
13 अक्टूबर के पंचांग के माध्यम से आप अहोई अष्टमी की पूजा के लिए शुभ काल के बारे में जान सकते हैं। इसके साथ ही चंद्रोदय के साथ तारों का भी उदय हो जाएगा। इस कारण तारा उगने का समय भी आप जान सकते हैं। शुभ समय पर किए कार्यों का पॉजिटिव परिणाम होता है। आइए जानते हैं कि आज का शुभ और अशुभ काल क्या है?
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 6:21
सूर्यास्त: शाम 5:53
चंद्रोदय: रात 11:20
चंद्रास्त: दोपहर 1:04
तिथि और पक्ष
तिथि: कृष्ण सप्तमी (दोपहर 12:24 तक), इसके बाद कृष्ण अष्टमी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
चंद्र मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)
प्रविष्टे/गते: 27
नक्षत्र और राशि
नक्षत्र: आर्द्रा (दोपहर 12:26 तक), इसके बाद पुनर्वसु
आर्द्रा: तृतीय नक्षत्र पड़ (सुबह 6:41 तक), चतुर्थ नक्षत्र पड़ (दोपहर 12:26 तक)
पुनर्वसु: प्रथम नक्षत्र पड़ (शाम 6:15 तक), द्वितीय नक्षत्र पड़ (रात 12:05, 14 अक्टूबर तक), तृतीय नक्षत्र पड़ (सुबह 5:58, 14 अक्टूबर तक), चतुर्थ नक्षत्र पड़
चंद्र राशि: मिथुन (सुबह 5:58, 14 अक्टूबर तक), इसके बाद कर्क
सूर्य राशि: कन्या
सूर्य नक्षत्र: चित्रा
चित्रा: प्रथम नक्षत्र पड़ (सुबह 5:12, 14 अक्टूबर तक), द्वितीय नक्षत्र पड़
योग और करण
योग: परिघ (सुबह 8:10 तक), इसके बाद शिव, फिर सिद्ध
करण: बव (दोपहर 12:24 तक), इसके बाद बालव (रात 11:41 तक), फिर कौलव
संवत्सर
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
गुजराती संवत: 2081 (नल)
बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त (3:07 अपराह्न, 25 अप्रैल 2025 तक), इसके बाद सिद्धार्थी
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु: शरद
वैदिक ऋतु: शरद
द्रिक अयन: दक्षिणायन
वैदिक अयन: दक्षिणायन
दिनमान: 11 घंटे 32 मिनट 51 सेकंड
रात्रिमान: 12 घंटे 27 मिनट 43 सेकंड
अहोई अष्टमी के दिन का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:41 से 5:31
प्रातः संध्या: सुबह 5:06 से 6:21
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:30
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:03 से 2:49
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:53 से 6:18
सायाह्न संध्या: शाम 5:53 से रात 7:08
निशिता मुहूर्त: रात 11:42 से 12:32 (14 अक्टूबर)
रवि योग: सुबह 6:21 से दोपहर 12:26
अहोई अष्टमी के दिन का अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 7:47 से 9:14
यमगण्ड: सुबह 10:40 से दोपहर 12:07
आडल योग: सुबह 6:21 से दोपहर 12:26
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:30 से 1:16, फिर दोपहर 2:49 से 3:35
गुलिक काल: दोपहर 1:34 से 3:00
वर्ज्य: रात 12:10 से 1:44 (14 अक्टूबर)
बाण: रोग (दोपहर 1:02 से पूरी रात तक)
अन्य विवरण
आनंदादि योग: कालदण्ड (दोपहर 12:26 तक, अशुभ), इसके बाद धूम्र (अशुभ)
तमिल योग: मरण (दोपहर 12:26 तक), इसके बाद मरण
जीवनम: अर्ध जीवन
नेत्रम: दो नेत्र (दोपहर 12:26 तक), फिर एक नेत्र
होमाहुति: गुरु
दिशा शूल: पूर्व
अग्निवास: आकाश (दोपहर 12:24 तक), इसके बाद पाताल
शिववास: श्मशान में (दोपहर 12:24 तक), फिर गौरी के साथ
चंद्र वास: पश्चिम (सुबह 5:58, 14 अक्टूबर तक), फिर उत्तर (सुबह 5:58, 14 अक्टूबर से पूरी रात तक)
राहु वास: उत्तर-पश्चिम
कुंभ चक्र: गर्भ
