अध्यात्म

Chanakya Niti: जिन स्त्री-पुरुष को मिलता है ये तीन सुख, जीवन हमेशा बना रहता है खुशहाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 20, 2023, 11:28 PM IST

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य कहते हैं कि हर मनुष्य को उसके पिछले जीवन में किए गए कर्म के आधार पर ही वर्तमान जीवन में भी सुख-दुख मिलता है। आचार्य कहते हैं कि, कुछ ऐसे सुख होते हैं जो जीवन में सफलता के साथ नहीं मिलते, बल्कि ये सुख पिछले जीवन में किए गए कर्म के आधार पर ही मिलते हैं।

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Chanakya Niti: जिन स्त्री-पुरुष को मिलता है ये तीन सुख, जीवन हमेशा बना रहता है खुशहाल

KEY HIGHLIGHTS
  • अच्‍छा जीवन साथी का मिलना पिछले जन्‍म का सुखद फल
  • धन और सफलता सभी हासिल करते हैं, लेकिन उसका संचय जरूरी
  • स्‍वास्‍थ्‍य शरीर मिलना पिछले जन्‍म के पुण्‍य कार्य का फल

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्‍य ने अपने नीति शास्‍त्र में मानव जीवन को खुशहाल और सफल बनाने के कई आसान उपाय बताए हैं। आचार्य कहते हैं कि, हर व्‍यक्ति अपने जीवन को कामयाब बनाने के लिए पूरी मेहनत करता है। इसमें से कुछ को सफलता मिलती है और कुछ को नहीं। आचार्य कहते हैं कि, कुछ लोगों को कामयाबी तो मिल जाती है, लेकिन जीवन में खुशहाली नहीं मिल पाती है। आखिर उनसे चूक कहां हो जाती है, जिसकी वजह से जीवन में खुशी नहीं आ पाती है। आचार्य चाणक्य ने इन चूकों के बारे में विस्तार से बताते हुए कुछ ऐसे चीजों का ज्रिक किया है, जो पिछले जन्म से जुड़ी होती हैं। आचार्य कहते हैं कि हर व्‍यक्ति को उसके पिछले जन्म के कर्म के आधार पर ही वर्तमान जीवन में 3 ऐसे सुख मिलते है, जो जीवन को पूरी तरह से सफल बना देते हैं। आइए जानते हैं इन सुखों के बारे में।

भोज्यं भोजनशक्तिश्च रतिशक्तिर वरांगना।

विभवो दानशक्तिश्च नाऽल्पस्य तपसः फलम्॥

जीवन साथी का सुख

आचार्य कहते हैं कि, जीवन में अच्छा पति या पत्नी पाना हर व्‍यक्ति के नसीब में नहीं होता। यह सुख पिछले जन्म में किए गए अच्छे कर्म के आधार पर ही मिलता है। अगर आपने पिछले जन्‍म में अच्‍छे कर्म किए हैं तो आपको इस जीवन में भी कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाला जीवन साथी मिलेगा।

धन का संचय

चाणक्‍य कहते हैं कि, मनुष्‍य जीवन को सुरक्षित और सुखमय बनाने के लिए धन बहुत जरूरी है। धन सभी के पास होता है, लेकिन उसका सही तरीके से उपयोग करने या संचय करने की क्षमता हर किसी में नहीं होता है, जिसकी वजह से आने वाला धन खत्‍म हो जाता है। आचार्य के अनुसार, पिछले जन्‍म में दान कार्य करने वाले लोगों के पास धन की कमी नहीं रहती है।

स्‍वास्‍थ्‍य शरीर

चाणक्य कहते हैं कि यह सुख भी बहुत भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है। ज्‍यादातर लोग कई तरह के बीमारियों से जीवन भी त्रस्‍त रहते हैं। आचार्य कहते है कि सही पाचन शक्ति ऐसे लोगों को ही मिलता है, जो लोग पिछले जन्‍म में दूसरों को भर पेट खाना खिलाते थे। ऐसे लोगों का पाचन सही रहता है। इससे कई गंभीर बीमारियां भी उनसे दूर रहती हैं। ऐसा लोग लंबे समय ऊर्जावान बने रहकर स्वस्थ जीवन जीते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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