अध्यात्म

Sunrise Today Timing (30 January 2026): आज सूरज कब निकलेगा, कितने बजे से दिन चढ़ेगा, क्या रहेंगे सूर्य अर्घ्य के नियम

Aaj Suraj Kab nikalega 30 January 2026 (सूरज निकलने का समय आज का): वेदों में सूर्य को आत्मा, चेतना और जीवन का स्रोत माना गया है। सूर्योदय के समय किया गया जप, ध्यान और जल अर्पण कई गुना फलदायी माना जाता है। ऐसे में आप यहां से जान सकते हैं कि आज आपके शहर में सूर्योदय कितने बजे होगा।

Image

आज सूरज कब उगेगा 30 जनवरी 2026 (pc: canva)

Aaj Suraj Kab nikalega 30 January 2026 (सूरज निकलने का समय आज का): सूर्योदय नई शुरुआत और आशा का प्रतीक है। आज 30 जनवरी को तो शुक्र प्रदोष व्रत भी है। इस दिन सूर्योदय का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस दिन सुबह-सुबह सूर्यदेव के दर्शन करने से मन अधिक स्थिर, ग्रहणशील और सकारात्मक रहता है। वैसे भी सूर्य देव को आत्मबल, नेतृत्व, स्वास्थ्य और सम्मान का कारक भी माना जाता है। कहते हैं कि नियमित सूर्योदय पर अर्घ्य देने से आत्मविश्वास बढ़ता है, पितृ दोष और सूर्य दोष में शांति मिलती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। जो व्यक्ति सूर्योदय को साक्षी बनाकर दिन की शुरुआत करता है, उसका दिन अधिक संतुलित और सफल रहता है। हर जगह यानी हर शहर में सूर्योदय का समय अलग-अलग होता है। आपके शहर में सूरज कितने बजे निकलने वाला है, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां सूर्योदय का सही-सही समय बताया गया है।

आज 30 जनवरी 2026 को सूर्योदय का समय (शहरानुसार)-

शहरसूर्य उदय का समय
दिल्ली07:10 AM
नोएडा7:10 AM
गुरुग्राम7:11 AM
गाज़ियाबाद7:09 AM
फरीदाबाद7:11 AM
लखनऊ6:57 AM
कानपुर6:59 AM
वाराणसी6:46 AM
आगरा7:16 AM
जयपुर7:16 AM
देहरादून7:04 AM
चंडीगढ़7:18 AM
भोपाल6:54 AM
इंदौर6:57 AM
पटना6:37 AM
कोलकाता6:26 AM
पुणे7:12 AM
अहमदाबाद7:24 AM
बेंगलुरु6:46 AM

शुक्र प्रदोष व्रत के दिन सूरज को कैसे जल अर्पित करें?

शुक्र प्रदोष व्रत के दिन सूर्य को जल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह सूर्योदय के समय जल अर्पित करें। प्रदोष व्रत शाम को होता है, लेकिन सूर्य को जल सुबह ही दिया जाता है। स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। तांबे के लोटे में साफ जल लें। उसमें लाल फूल, थोड़ा अक्षत और चाहें तो एक चुटकी कुमकुम डालें। पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों। लोटे से जल को धीरे-धीरे सूर्य की ओर गिराएं, जलधारा में सूर्य के दर्शन करते रहें। जल देते हुए ऊं सूर्याय नमः और ऊं भूर्भुवः स्व: मंत्र का जाप करें। सूर्यदेव से स्वास्थ्य, सम्मान, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में स्पष्टता की कामना करें। शुक्र प्रदोष होने के कारण वैवाहिक सुख, प्रेम और सौहार्द की भी प्रार्थना कर सकते हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article