अध्यात्म

आज सोना खरीदना है या नहीं? जानें, आज धनतेरस पर गोल्ड की शॉपिंग करें या नहीं, चांदी खरीदना शुभ रहेगा क्या?

Aaj Sona Kharidna Shubh Hai Ya Nahi: आज धनतेरस के दिन सोना और चांदी खरीदने की परंपरा रही है। लेकिन ये भी दिन और मुहूर्त देखकर ही होता है। आज शनिवार के दिन सोना खरीदना चाहिए या नहीं? क्या आज धनतेरस पर चांदी की शॉपिंग करना शुभ है? यहां से जानें।

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क्या आज सोना खरीद सकते हैं? (pic credit: iStock)

Aaj Sona Kharidna Shubh Hai Ya Nahi: आमतौर पर गुरुवार और शुक्रवार का दिन ही सोना-चांदी खरीदने के लिए शुभ माना जाता है। बाकि सप्ताह के किसी भी दिन सोना-चांदी नहीं खरीदते हैं। लेकिन इस साल तो धनतेरस ही शनिवार के दिन पड़ गया है। ऐसे में कंफ्यूजन ये है कि क्या आज सोना खरीदना शुभ रहेगा? क्या आज धनतेरस के दिन चांदी खरीदना चाहिए? यहां पर इन सभी सवालों के सही जवाब मौजूद हैं।

आज धनतेरस पर सोना खरीदना है या नहीं?

धनतेरस पर शनिवार या शुक्रवार के दिन का कोई खास असर नहीं होता। आज के दिन धनतेरस है तो आज सोना खरीदना ही चाहिए। आज सुबह 8:50 बजे से 10:33 बजे तक का समय अमृत काल है और सोना‑चांदी खरीदने के लिए विशेष शुभ माना गया है। इसके अलावा शाम का प्रदोष काल / वृषभ काल (लगभग 7:15 बजे से 8:19 बजे तक) भी स्विगोरा शुभ मुहूर्त माना गया है।

आज धनतेरस पर चांदी खरीदना शुभ रहेगा क्या?

हां, आज धनतेरस पर चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, बशर्ते आप इसे उचित मुहूर्त में खरीदें। पारंपरिक मान्यताओं में धनतेरस पर चांदी खरीदने से घर की धन-संपत्ति की वृद्धि होती है। चांदी को भारत में शुद्धता, शीतलता और चंद्र तत्व का प्रतिनिधि माना जाता है। इसे शुभ सौभाग्य और मन की शांति का प्रतीक माना जाता है।

चांदी खरीदने का शुभ समय क्या है?

आज चांदी खरीदने के लिए सुबह 8:50 बजे से 10:33 बजे तक अमृत काल है और यही मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ है। इसके अलावा शाम में प्रदोष काल में 5:48 बजे से 8:19 बजे तक भी चांदी खरीद सकते हैं। कोशिश करें यहां दिए समय पर ही सोना और चांदी खरीदें, इससे मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा आप पर सालभर बनी रहेगी।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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