आज क्या है 1 फरवरी 2026 को, क्या आज पूर्णिमा है, आज ग्रहण है क्या, आज कौन सा व्रत है
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Feb 1, 2026, 05:29 AM IST
Aaj Kya hai 1 February 2026 (Is Today Purnima), क्या आज ग्रहण लगेगा : हिंदू पंचांग के अनुसार 1 फरवरी 2026, रविवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस हिसाब से आज पूर्णिमा है। आगे जानें कि आज कौन सी पूर्णिमा है, फरवरी 2026 में पूर्णिमा कब पड़ रही है, पूरनमासी कब है फरवरी 2026 में और क्या आज कोई ग्रहण लग रहा है। यहां देखें इसकी पूरी जानकारी।
आज 1 फरवरी 2026 को कौन सी तिथि है
Aaj Kya hai 1 February 2026 (Is Today Purnima): आज 1 फरवरी 2026, रविवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा मनाई जा रही है। इसे माघी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। माघ मेले में भी माघी पूर्णिमा का स्नान विशेष फल देने वाला माना जाता है। इस दिनदान, जप-तप और पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए देशभर में श्रद्धालु इस दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। आगे देखें कि क्या आज चंद्र ग्रहण है। आज की तिथि और आज की पूर्णिमा का महत्व विस्तार से।
आज 1 फरवरी 2026 को क्या है
पंचांग के अनुसार आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है। माघ पूर्णिमा तिथि का आरंभ 1 फरवरी 2026 को सुबह 5: 53 पर हो चुका है। माघ पूर्णिमा तिथि का समापन 2 फरवरी को तड़के 3:39 पर होगा। उदया तिथि के आधार पर माघी पूर्णिमा का पर्व आज यानी 1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन ही मनाया जा रहा है। रविवार के दिन पूर्णिमा पड़ने से इस तिथि का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
क्या आज 1 फरवरी 2026 की माघी पूर्णिमा पर ग्रहण है
श्रद्धालुओं के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि कहीं पूर्णिमा के दिन ग्रहण तो नहीं लग रहा। पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार 1 फरवरी 2026 को माघी पूर्णिमा के दिन कोई भी चंद्र ग्रहण नहीं है। इसलिए इस दिन पूजा-पाठ, स्नान-दान और धार्मिक कार्य बिना किसी बाधा के किए जा सकते हैं। वहीं ग्रहण न होने के कारण सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
आज की पूर्णिमा (1 फरवरी 2026) का महत्व
माघी पूर्णिमा को पवित्र तिथि माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार माघ महीने में किया गया स्नान और दान व्यक्ति को पापों से मुक्ति दिलाता है। मान्यता है कि इस दिन देवता पृथ्वी पर विचरण करते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। माघी पूर्णिमा को कल्पवास का समापन भी माना जाता है। प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थलों पर इस दिन विशेष स्नान का आयोजन होता है। कहा जाता है कि इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ और घी का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
आज 1 फरवरी 2026 की पूर्णिमा का पूजा टाइम
माघी पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। 1 फरवरी को यह समय सुबह 05:24 से 06:16 बजे के बीच का रहेगा। सुबह के समय पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिले जल से स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करना शुभ होता है। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना और दान-पुण्य करना लाभकारी माना गया है। शाम के समय चंद्रमा के उदय के बाद चंद्रदेव को दूध या जल से अर्घ्य दिया जाता है। पूर्णिमा की पूजा दिन और रात दोनों समय की जा सकती है, लेकिन चंद्र उदय के बाद की गई पूजा को विशेष फलदायी बताया गया है।
आज 1 फरवरी 2026 की पूर्णिमा पर किसकी पूजा करें
माघी पूर्णिमा के दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना और व्रत रखना भी शुभ माना जाता है। साथ ही चंद्रदेव की पूजा का भी विशेष महत्व है, क्योंकि पूर्णिमा चंद्रमा से जुड़ी तिथि होती है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। कई श्रद्धालु इस दिन अपने पितरों के लिए तर्पण भी करते हैं, जिससे पितृ दोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
आज संत रविदास जयंती 2026 है
2026 में संत रविदास जयंती रविवार, 1 फरवरी 2026 को माघ पूर्णिमा तिथि के दिन मनाई जा रही है। ये दिन संत रविदास जी के जन्मोत्सव का पर्व है और इसमें भक्ति, पूजा, कीर्तन और उनके उपदेशों का स्मरण किया जाता है।
चंद्र ग्रहण वाली पूर्णिमा 2026 में कब है
यदि 2026 में चंद्र ग्रहण की बात करें, तो इस वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगेगा। यह चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को पड़ेगा। उस दिन ग्रहण के कारण सूतक काल मान्य होगा और पूजा-पाठ ग्रहण समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा। हालांकि माघी पूर्णिमा 2026 ग्रहण रहित है, इसलिए आज का दिन धार्मिक कार्यों के लिए पूरी तरह शुभ माना जा रहा है।