अध्यात्म

आज का पूजा टाइम 16 अप्रैल 2026, आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा कब करें, जानें सुबह-शाम की पूजा का मुहूर्त

Aaj ka Puja time 16 April 2026: आज गुरुवार का दिन है, जो भगवान नारायण को समर्पित होता है। तो चलिए जानते हैं आज भगवान विष्णु की पूजा कब करनी है? नोट करें सुबह-शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त...

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आज का पूजा टाइम (16 अप्रैल 2026)

Aaj Ka Puja Time (आज का पूजा मुहूर्त 16 अप्रैल 2026): हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। 16 अप्रैल 2026 को वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। जो पूजा-पाठ के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन सुबह सूर्योदय के बाद से लेकर दोपहर तक का समय पूजा के लिए उत्तम रहता है। विशेष रूप से प्रातःकाल में स्नान कर पीले वस्त्र धारण कर श्रीहरि विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करने से सुख-समृद्धि, दांपत्य जीवन में खुशहाली और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है। गुरुवार का व्रत भी विशेष फलदायी माना गया है। आइए जानते हैं आज (Aaj Ka Puja Muhurat) 16 अप्रैल 2026 के दिन पूजा का सही समय क्या है?

आज सुबह का शुभ पूजा मुहूर्त (16 अप्रैल 2026)

गुरुवार के दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आज सुबह पूजा का श्रेष्ठ समय सुबह 6:00 बजे से 9:15 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त 11:55 AM से 12:46 PM भी पूजा के लिए उत्तम रहेगा।

इस दौरान घर के मंदिर में पीले फूल, हल्दी, चने की दाल और तुलसी दल अर्पित करें। यदि संभव हो तो पीले वस्त्र पहनें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में की गई पूजा से गुरु कृपा प्राप्त होती है, बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

आज शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त (16 अप्रैल 2026)

आज जो लोग सुबह पूजा नहीं कर पाएं, वे संध्या समय भगवान विष्णु की आराधना कर सकते हैं। आज शाम का शुभ मुहूर्त शाम 5:50 बजे से 7:20 बजे तक रहेगा। संध्या आरती के समय दीपक जलाकर विष्णु चालीसा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय की गई पूजा से मन को शांति मिलती है, नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सुख-शांति व सौहार्द बना रहता है।

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा विधि

गुरुवार के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करें और सबसे पहले घर के मंदिर को साफ-सुथरा करें। इसके बाद भगवान विष्णु या श्रीहरि की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक प्रज्वलित करें। पूजा में पीले फूल, तुलसी दल, केला या बेसन से बने लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। फिर श्रद्धा भाव से विष्णु मंत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें।

इस दिन नमक का सेवन न करना, पीले रंग की वस्तुओं का दान करना और जरूरतमंदों की मदद करना विशेष फलदायी होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से बृहस्पति ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि व स्थिरता आती है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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