Aaj ka Panchang 7 March 2025 (आज का पंचांग 7 मार्च 2025): हिन्दू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में सप्ताह के शुक्रवार के दिन का विशेष महत्व होता है। ये दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी, संतोषी माता और शुक्र ग्रह को समर्पित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत-पूजा करने से व्यक्ति को धन, सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। इस दिन मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना भी की जाती है, खासकर महा लक्ष्मी, महा काली और महा सरस्वती। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह से संबंधित होता है। शुक्र ग्रह को प्रेम, विवाह, सौंदर्य, भौतिक सुख-संपदा, कला और संगीत का कारक माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है, वे आकर्षक व्यक्तित्व वाले, कलात्मक और भोग-विलास में रूचि रखने वाले होते हैं। वहीं, यदि शुक्र अशुभ स्थिति में हो तो जीवन में आर्थिक परेशानियां, वैवाहिक समस्याएं और विलासिता की कमी देखी जाती है। ऐसे में आप आज के पंचांग से शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और उपायों के बारे जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
Aaj ka Panchang 7 March 2025 (आज का पंचांग 7 मार्च 2025)
आज का पंचांग 7 मार्च
- संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
- माह-फाल्गुन,शुक्ल पक्ष,
- तिथि - अष्टमी 09;19 am तक फिर नवमी
- पर्व - वैभव लक्ष्मी व्रत
- दिवस - शुक्रवार
- सूर्योदय - 06:40 ए.एम सूर्यास्त - 6:24 पी.एम
- नक्षत्र - मृगशिरा11:33 पी.एम तक फिर आद्रा
- चन्द्र राशि - वृष, स्वामी ग्रह-शुक्र 11:43 am तक फिर मिथुन, स्वामी ग्रह-बुध
- सूर्य राशि - कुंभ, स्वामी ग्रह-शनि
- करण - बव 09:19 ए.एम तक फिर बालव
- योग - प्रीति 06;17 ए.एम तक फिर आयुष्मान
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत - 11:58 पी.एम से दोपहर 12:44 पी.एम तक
- विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
- गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:22 पी.एम तक
- ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
- अमृत काल-06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
- निशीथ काल मुहूर्त - रात्रि 11:42 पी.एम से 12:26 पी.एम तक रात
- संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल - पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - प्रातःकाल 10:30 पी.एम बजे से दोपहर 12 पी.एम बजे तक
क्या करें - आज फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी जी को समर्पित व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। माता दुर्गा जी की उपासना करें। श्री सूक्त का पाठ करें। फलों का दान करें। विष्णु उपासना कल्याणकारी फल प्रदान करने वाली है। वैभव लक्ष्मी व्रत रखें, माता लक्ष्मी जी का ध्यान -पूजन भी करें। भगवान विष्णु कष्टों को समाप्त करते हैं। आज ऋग्वैदिक श्री सूक्त के 16 मंत्रों का पाठ करने का उत्तम फल है। सम्पूर्ण भक्ति भाव से घर व मंदिर में लड्डू गोपाल जी की उपासना करें। भगवान कृष्ण नाम का संकीर्तन करें। पत्नी को स्वर्ण आभूषण उपहार में दे सकते हैं।
क्या न करें - शुक्र प्रेम का कारक ग्रह है। दाम्पत्य जीवन में माधुर्यता का कारक है। पत्नी से कटु वाणी में मत बात करें व उसकी उपेक्षा मत करें।
