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Today Pradosh Kaal Time In Hindi: आज प्रदोष काल कितने से कितने बजे तक रहेगा, जानें सही समय

Aaj Ka Panchang 5 May 2024, Pradosh Kaal Time: आज प्रदोष काल समय शाम 06 बजकर 59 मिनट से रात 09 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। इस समय पर प्रदोष व्रत की पूजा शुभ मानी जाती है।

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Aaj Ka Panchang 5 May 2024 In Hindi

Aaj Ka Panchang 5 May 2024 In Hindi: आज वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि शाम 5 बजकर 43 मिनट तक रहेगी और इसके बाद त्रयोदशी लग जाएगी। क्योंकि प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि है इसलिए आज ही प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। इसके अलावा पूरे दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। सूर्य देव मेष राशि में तो चंद्र देव मीन राशि में रहेंगे। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।

प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2024 (Pradosh Vrat Puja Muhurat 2024)

5 मई को रवि प्रदोष व्रत का पूजा मुहूर्त शाम 06 बजकर 59 मिनट से रात 09 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। इस समय पर भगवान शिव की पूजा शुभ मानी जाती है।

Aaj Ka Panchang 5 May 2024 In Hindi (आज का पंचांग 5 मई 2024)

संवत-पिङ्गला

विक्रम संवत 2081 माह-वैशाख ,कृष्ण पक्ष

तिथि- द्वादशी 05:43pm तक फिर त्रयोदशी

दिन-रविवार

व्रत-प्रदोष का महान व्रत। शिव उपासना

सूर्योदय-05:48am

सूर्यास्त-06:51 pm

नक्षत्र-उत्तराभाद्रपद

चन्द्र राशि- मीन

सूर्य राशि- मेष

करण-कौलव 07:11am तक फिर तैतिल

योग-वैधृति07:35am तक फिर विष्कुम्भ

5 May 2024 Shubh Muhurat (5 मई 2024 शुभ मुहूर्त)

अभिजीत- 11:57am से 12:48 pm

विजय मुहूर्त- 02:26pm से 03:29 pm तक

गोधुली मुहूर्त- 06:44 pm से 07:07pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त- 4:13am से 05:09am तक

अमृत काल- 06:07am से 07:58 am तक

निशिता मुहूर्त- रात्रि 11:58 से 12:41 तक

संध्या पूजन- 06:52pm से 07:51 pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। पूर्व दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

5 May 2024 Ashubh Muhurat (5 मई 2024 के शुभ मुहूर्त)

राहुकाल सायंकाल 04:30 बजे से सायंकाल 06 बजे तक। राहुकाल में शुभ कार्य व यात्रा प्रारंभ नहीं करते।

क्या करें-प्रदोष का व्रत रहें। व्रत फलाहार होगा। श्री शिव पुराण का पाठ करें। ॐ नमः शिवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। अन्न व जल का दान करें। शिव मंदिर परिसर में बेल का पेड़ लगाएं

क्या न करें-किसी की निंदा मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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