अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 30 November 2024: पंचांग से जानिए मार्गशीर्ष महीने की चतुर्दशी तिथि के दिन क्या होगा पूजा का मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

Aaj Ka Panchang 30 November 2024 (आज का पंचांग 30 नवंबर 2024): मार्गशीर्ष महीने की चतुर्दशी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 06:54 पर होगा। आज के दिन सूर्यास्त शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। अब आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 30 November 2024 (आज का पंचांग 30 नवंबर 2024): मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। आज के दिन सुबह 10 बजकर 31 मिनट के बाद अमावस्या तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:49 से सुबह 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। शनिवार के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 30 November 2024 (आज का पंचांग 30 नवंबर 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-मार्गशीर्ष ,कृष्ण पक्ष,पर्व -चतुर्दशी व्रत

तिथि- चतुर्दशी 10:31am तक फिर अमावस्या

दिवस -शनिवार

सूर्योदय-06:54am

सूर्यास्त-05:26pm

नक्षत्र-स्वाती 10:12am तक तत्पश्चात विशाखा

चन्द्र राशि -वृश्चिक,स्वामी-मङ्गल

सूर्य राशि- वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल

करण- शकुनि 10:30am तक पुनः चतुष्पद

योग- अतिगण्ड 04:47 pm तक फिर सुकर्मा

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:49 am से 12:30 pm

2विजय मुहूर्त-02:22pm से 03:25pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:24 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:09am से 07:41am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:20 pm से 07:06pm तक

दिशा शूल-पूर्व दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें-आज परम पवित्र शुभ मार्गशीर्ष माह चतुर्दशी का पावन व्रत है। आज शनिवार है। हनुमान जी की उपासना करें। पीपल को जल दें। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। आज भगवान शिव की सगुण व निर्गुण दोनों उपासना अवश्य करें। मासिक चतुर्दशी व्रत बहुत ही पुण्यदायी है। गणेश उपासना होती है। गणेश जी के नाम का जप करें। आज व्रत करने से कष्ट नष्ट होते हैं,पुण्य की प्राप्ति होती है।तिल दान करें तथा अपने वजन के बराबर अन्न दान करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यह उपवास फलाहारी होता है। आज शनि के बीज मंत्र का जप समृद्धि देगा। इस मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण के नाम का जप व संकीर्तन करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है तथा भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है। आज छाया दान की बहुत श्रेष्ठ तिथि है। सायंकाल पीपल के नीचे दीपक जलाएं।

क्या न करें-किसी भी प्राणी को कष्ट मत दें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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