आज का पंचांग (30 December 2025): पौष पुत्रदा एकादशी आज, जानिए पूजन मुहूर्त और शुभ समय
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 30, 2025, 10:06 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (30 December 2025): आज पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। यह दिसंबर माह की अंतिम एकादशी तिथि है। आज के दिन किस समय पर पूजा आदि करें, यह आज पंचांग के माध्यम से जान सकते हैं। पंचांग के माध्यम से आपको शुभ समय के बारे में जानकारी मिल जाती है, जिससे आप किसी भी प्रकार का शुभ कार्य उस समय पर कर सकते हैं।
30 दिसंबर 2025 का पंचांग
आज का पंचांग (30 December 2025): आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की दशमी सुबह 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगी, फिर एकादशी लग जाएगी। इस कारण आज पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। नक्षत्र भरणी 31 दिसंबर सुबह 3 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, फिर कृत्तिका नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में रहेगा। योग सिद्ध 31 दिसंबर रात 1 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। करण वणिज सुबह 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। आज त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग 31 दिसंबर सुबह 5 बजकर 0 मिनट से 7 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। ये दुर्लभ शुभ योग हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 34 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर उदय होगा और 31 दिसंबर रात 3 बजकर 43 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 20 मिनट 42 सेकंड और रात की 13 घंटे 39 मिनट 34 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल दशमी सुबह 7:50 तक, फिर शुक्ल एकादशी। नक्षत्र भरणी 31 दिसंबर सुबह 3:58 तक, फिर कृत्तिका। करण बालव शाम 6:28 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 15।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
30 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:19 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:51 से 7:13 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:44 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:07 से 2:49 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 से 5:59 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:34 से 6:56 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:35 से 31 दिसंबर सुबह 1:03 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:57 बजे से 31 दिसंबर सुबह 12:51 तक
- त्रिपुष्कर योग + सर्वार्थ सिद्धि योग: 31 दिसंबर सुबह 5:00 से 7:14 बजे तक
- रवि योग: सुबह 7:13 से 31 दिसंबर सुबह 3:58 बजे तक
30 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 2:59 से 4:17 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:49 से 11:06 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:24 से 1:41 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:18 से 9:59 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 2:49 से 4:17 बजे तक और रात 11:02 से 11:57 बजे तक
- बाण: चोर – रात 9:53 से पूरी रात तक
- भद्रा: शाम 6:28 से 31 दिसंबर सुबह 5:00 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मुसल 31 दिसंबर सुबह 3:58 तक, फिर गद। तमिल योग में मरण 31 दिसंबर सुबह 3:58 तक, फिर मरण। जीवनम में निर्जीव, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति शनि को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास सुबह 7:50 तक पाताल में, फिर पृथ्वी में। चंद्र वास पूर्व में। शिववास सुबह 7:50 तक सभा में, फिर क्रीड़ा में। राहु वास पश्चिम, कुंभ चक्र पश्चिम में।