अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 22May 2024: जानें वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की चतुदर्शी तिथि का शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय, यहां पढ़ें पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 22May 2024 (आज का पंचांग): वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। जानिए इस दिन का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 22May 2024 (आज का पंचांग): वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक चतुर्दशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। आज के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। इसके साथ ही पूजा के लिए अभिजीत-11:57 से 12:46 तक रहने वाला है। आज के दिन उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें। आज राहुकाल दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा। यहां पढ़ें आज के दिन का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 22May 2024 (आज का पंचांग 22 मई 2024)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-वैशाख ,शुक्ल पक्ष

तिथि- चतुर्दशी 06:48am तक फिर पूर्णिमा

दिन-बुधवार

व्रत- मासिक चतुर्दशी

व्रत- श्री गणेश पूजा

सूर्योदय-05:46am

सूर्यास्त-06:57 pm

नक्षत्र- स्वाती 07:48am तक फिर विशाखा

चन्द्र राशि- तुला,स्वामी-शुक्र

सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र

करण- गरज 06:17 am तक फिर वणिज

योग- वरियांन 12:38 pm तक फिर परिघ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:57am से 12:46 pm

2विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:44 pm से 07:05 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:10am से 05:03am तक

5अमृत काल-06:04am से 07;56 am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:52 से 12:44 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:50pm से 07;52pm तक

दिशा शूल -उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक

क्या करें-श्री गणेश जी की उपासना करें। मन्दिर में गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। बुध के द्रव्य उड़द के दान का बहुत महत्व है। भगवान गणेश जी के निमित्त व्रत रहें।उपवास फलाहार होगा। मङ्गल व राहु के बीज मंत्र का जप करें। ॐ नमः शिवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में बेल व पीपल का पेड़ लगाएं।आज भैरो उपासना भी विशेष महत्व है। बटुक भैरव स्त्रोतम का पाठ भी करें। विहंगों को दाना पानी दें।

क्या न करें-बुध वाणी का कारक ग्रह है। किसी को वाणी से कष्ट मत दें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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