अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 20 November 2024: मार्गशीर्ष महीने की पंचमी तिथि के दिन क्या होगा पूजा का मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 20 November 2024 in Hindi: मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। अब आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 20 November 2024 in Hindi: मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 4 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। उसके बाद खष्ठी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन पुनर्वसु नक्षत्र 02:51pm तक रहेगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा। ऐसे में 06:06am से 07:41am तक अमृत काल रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। राहुकाल का समय दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा। अब आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 20 November 2024 in Hindi (आज का पंचांग 20 नवंबर 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-मार्गशीर्ष ,कृष्ण पक्ष,पर्व -पंचमी व्रत

तिथि- पंचमी 04:48 pm फिर खष्ठी

दिवस - बुधवार

सूर्योदय-06:47am

सूर्यास्त-05:25 pm

नक्षत्र-पुनर्वसु 02:51pm तक फिर पुष्य

चन्द्र राशि -मिथुन स्वामी ग्रह -बुध 08 :48am तक फिर कर्क,स्वामी ग्रह -चन्द्रमा

सूर्य राशि-वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल

करण- तैतिल 05pm तक फिर गरज

योग-शुभ 01:,07 pm तक फिर शुक्ल

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-नहीं है।

2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक

3गोधुली मुहूर्त -06:22pm से 07:25pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:08am तक

5अमृत काल-06:06am से 07:41am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:21 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल-उत्तर दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक

क्या करें-आज पवित्र मार्गशीर्ष माह की पंचमी तिथि है। बुद्गवार है। भैरव उपासना करें। आज श्री गणेश उपासना करें।श्री गणेश जी के नाम का जप करें। पंचमी फलाहार व्रत करने व पुण्य प्राप्त होता है। बटुक भैरव स्तोत्रम का पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।उड़द का दान करें ।आज ऊनी वस्त्रों के दान का बहुत महत्व होता है। मार्गशीर्ष माह में भगवान विष्णु के राम व कृष्ण रूप दोनों रूप की पूजा बहुत ही श्रद्धा से होती है।आज राहु व केतु के बीज मंत्र का जप करें। सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ धन,धान्य ,आरोग्यता व समृद्धि देगा।शिव मन्दिर में रुद्राभिषेक कर सकते हैं। भगवान शिव के नाम का जप करने से पाप नष्ट होते हैं। शिवालय जाएं व जलाभिषेक करें इससे आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है व भगवान भोलेनाथ जी की अनन्य भक्ति व आत्मशक्ति प्राप्त होती है।

क्या न करें-वाणी को अशुद्ध मत होने दें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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