अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : आज कौन सी तिथि है और क्या है पूजा-पाठ का शुभ समय, पंचांग से जानें आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग ) 20 June 2026 : आज शनिवार का दिन और ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आइए पंचांग से जानते हैं आज के शुभ और अशुभ काल और आज का राहुकाल।

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आज का पंचांग

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 20 June 2026: आज 20 जून 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जिसे 'जमाई षष्ठी' के नाम से भी जाना जाता है। आज शनिवार होने के कारण शनि देव की पूजा, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना का विशेष महत्व माना गया है। आज मघा नक्षत्र, वज्र योग तथा कौलव एवं तैतिल करण का प्रभाव रहेगा। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग (Today Panchang) और शुभ-अशुभ मुहूर्त।

सूर्योदय एवं चंद्रोदय (Sunrise and Moonrise)

आज सूर्य का उदय प्रातः लगभग 05:24 बजे और सूर्यास्त सायं लगभग 07:22 बजे होगा। चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि में स्थित रहेगा। आज चंद्रोदय प्रातः लगभग 10:54 बजे तथा चंद्रास्त रात्रि लगभग 11:36 बजे होगा।

तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)

आज शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शाम 03:46 बजे तक प्रचलित रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि लगेगी। आज मघा नक्षत्र का प्रभाव सुबह 09:25 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ये नक्षत्र पितरों के सम्मान, नेतृत्व क्षमता और प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जाता है। वज्र योग दिन में दोपहर 12:48 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग का प्रभाव शुरु होगा। यह योग दृढ़ संकल्प और साहस प्रदान करने वाला माना जाता है, हालांकि महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय विवेक बनाए रखना चाहिए।

करण (Karan)

आज तैतिल करण शाम 03:46 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद गर करण प्रारंभ होगा।

वार एवं पक्ष (Day and Paksha)

आज शनिवार है और शुक्ल पक्ष चल रहा है।

चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)

आज विक्रम सम्वत 2083 सिद्धार्थी, शक सम्वत 1948 पराभव और गुजराती सम्वत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास ज्येष्ठ पूर्णिमांत और ज्येष्ठ अमांत है। प्रविष्टे/गते 6 है।

राशि तथा ग्रह स्थिति (Rashi and Planetary Positions)

आज पूरे दिन चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे। इसके अलावा आज सूर्य मिथुन राशि में स्थित हैं और मृगशिरा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।

ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)

द्रिक पंचांग के अनुसार ग्रीष्म ऋतु चल रही है। उत्तरायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 13 घंटे 58 मिनट 10 सेकंड और रात्रिमान 10 घंटे 02 मिनट 01 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:23 बजे होगा।

20 जून के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:03 बजे से 04:43 बजे तक

प्रातः संध्या: प्रातः 04:23 बजे से 05:24 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से 12:51 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 बजे से 03:38 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:20 बजे से 07:41 बजे तक

सायाह्न संध्या: सायं 07:22 बजे से 08:22 बजे तक

अमृत काल: प्रातः 07:06 बजे से 08:39 बजे तक

निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:03 बजे से 12:43 बजे तक (21 जून)

सर्वार्थ सिद्धि सदृश शुभ समय: प्रातः 03:06 बजे से 04:42 बजे तक (21 जून)

रवि योग: प्रातः 05:24 बजे से 09:25 बजे तक

20 जून के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)

राहुकाल: प्रातः 08:53 बजे से 10:38 बजे तक

यमगण्ड काल: दोपहर 02:07 बजे से 03:52 बजे तक

गुलिक काल: प्रातः 05:24 बजे से 07:08 बजे तक

दुर्मुहूर्त: प्रातः 05:24 बजे से 06:20 बजे तक

दुर्मुहूर्त (द्वितीय): प्रातः 06:20 बजे से 07:15 बजे तक

वर्ज्य काल: सायं 05:27 बजे से 07:04 बजे तक

विडाल योग: प्रातः 05:24 बजे से 09:25 बजे तक

आडल योग: प्रातः 09:25 बजे से अगले दिन 05:24 बजे तक

गण्ड मूल: प्रातः 05:24 बजे से 09:25 बजे तक

निवास और शूल (Nivas and Shool)

आज दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा। चंद्र वास पूर्व दिशा में रहेगा। राहु वास पूर्व दिशा में रहेगा। अग्निवास शाम 03:46 बजे तक पाताल में रहेगा। इसके बाद पृथ्वी पर होगा। शिववास शाम 03:46 बजे तक नंदी पर होगा। इसके बाद भोजन में होगा। कुम्भ चक्र दक्षिण दिशा में रहेगा, जो शुभ माना जाता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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