अध्यात्म

Aaj ka Panchang: आज इस दिशा में यात्रा करने से बचें, जानें दिन में कब रहेंगे शुभ-अशुभ मुहूर्त

Aaj ka Panchang 17 April 2025: वैशाख मास की पंचमी तिथि‍ आपके लिए शुभ समय लेकर आई है। हालांकि यात्रा के लिहाज से ये दिशा शुभ नहीं रहेगी। यहां ले इसकी विस्‍तार से जानकारी। पंचांग से जानें सूर्योदय का समय और बाकी नक्षत्र।

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aaj ka panchang 17 april 2025

Aaj ka Panchang 17 April 2025: गुरुवार को भगवान विष्‍णु का दिन माना जाता है। इस दिन श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होने की मान्‍यता है। दिन के शुभ अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र और दिशा शूल आदि की जानकारी भी आपको मिल जाएगी।

17 अप्रैल 2025 का हिंदी पंचांग

  • संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2082
  • माह-वैशाख
  • तिथि - कृष्ण पक्ष, चतुर्थी 03:22 सायंकाल तक फ़िर पंचमी
  • पर्व - पंचमी व्रत, गुरुवार व्रत
  • दिवस -गुरुवार
  • सूर्योदय-05:53am
  • सूर्यास्त-6:49pm
  • नक्षत्र - अनुराधा 5:54 am तक तत्पश्चात ज्येष्ठा
  • चन्द्र राशि - वृश्चिक, स्वामी-मंगल
  • सूर्य राशि - मेष
  • करण - बालव 03:25 am तक फिर कौलव
  • योग- वरियान

17 अप्रैल 2025 के शुभ मुहूर्त

  1. अभिजीत - 11:56 am से 12:48 pm तक
  2. विजय मुहूर्त- 02:22pm से 03:26pm तक
  3. गोधुली मुहूर्त- 06:24pm से 07:23pm तक
  4. ब्रह्म मुहूर्त - 4:03m से 05:03am तक
  5. अमृत काल - 06:07am से 07:44am तक
  6. निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:20तक रात
  7. संध्या पूजन-06:27pm से 07:02pm तक

दिशा शूल - दक्षिण दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त- राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक

क्या करें- परम पवित्र वैशाख माह चल रहा है। आज पंचमी है। गणेश चतुर्थी व्रत का पारण करें। कुछ लोग हर माह की पंचमी व्रत भी रह सकते हैं। वैशाख माह का हर दान व पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। गुरु के बीज मंत्र का जप करें। धार्मिक पुस्तकों का दान करना बहुत फलित होता है। अपने घर के मंदिर में भगवान विष्णु जी के सामने अखण्ड दीप जलाइए। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ बहुत फ़लदायी है। आज मन का एकाग्र होना बहुत आवश्यक है। मंदिरों में भंडारे व अन्न दान की व्यवस्था कराएं। जो लोग विष्णु जी के अनन्य उपासक हैं, वह लड्डू गोपाल जी की विधिवत उपासना करें। भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार राम व कृष्ण की उपासना करें। भगवान नाम संकीर्तन करें।

क्या न करें- वृद्ध,गुरु,विद्वान व माता-पिता की किसी भी बात की अवहेलना मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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