आज का पंचांग 15 January 2026 (गुरुवार / मकर संक्रांति): मकर संक्रांति पर स्नान, दान और पूजन का क्या रहेगा शुभ समय, जानिए 15 जनवरी के पंचांग से
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 15, 2026, 05:02 PM IST
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 15 January 2026 (गुरुवार / मकर संक्रांति): आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी और मकर संक्रांति का दिन है। शुभ काल में स्नान और दान का बड़ा अधिक महत्व है। आइए जानते हैं आज के दिन पर शुभ और अशुभ काल का क्या समय है?
15 जनवरी 2026 का पंचांग
आज का पंचांग 15 January 2026 (गुरुवार / मकर संक्रांति): 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी शाम 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, फिर त्रयोदशी लग जाएगी। नक्षत्र ज्येष्ठा 16 जनवरी सुबह 5 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, फिर मूल नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में है। योग वृद्धि शाम 8 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। करण गर पूरी रात तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 16 जनवरी सुबह 5 बजकर 47 मिनट तक रहेगा – ये बहुत शुभ योग हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 46 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 16 जनवरी सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 31 मिनट 8 सेकंड और रात की 13 घंटे 28 मिनट 44 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण द्वादशी शाम 8:16 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी। नक्षत्र ज्येष्ठा 16 जनवरी सुबह 5:47 तक, फिर मूल। करण गर पूरी रात तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 2।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन उत्तरायण।
15 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:54 से 7:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:52 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:16 से 2:58 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:44 से 6:11 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:46 से 7:07 बजे तक
- अमृत काल: शाम 7:59 से 9:46 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 16 जनवरी रात 12:04 बजे से सुबह 12:58 तक
15 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:50 से 3:08 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:15 से 8:34 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:53 से 11:12 बजे तक
- विडाल योग: 16 जनवरी सुबह 5:47 से 7:15 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 10:45 से 11:27 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 9:18 से 11:05 बजे तक
- गंड मूल: पूरे दिन
- बाण: मृत्यु – शाम 2:46 से पूरी रात तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में कालदंड 16 जनवरी सुबह 5:47 तक। तमिल योग में मरण 16 जनवरी सुबह 5:47 तक। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में नेत्रहीन।
निवास और शूल
होमाहुति केतु को (16 जनवरी सुबह 5:47 तक)। दिशा शूल दक्षिण दिशा में – दक्षिण की यात्रा टालें। अग्निवास आकाश में। नक्षत्र शूल 16 जनवरी सुबह 5:47 तक पूर्व में, फिर पाताल में। चंद्र वास उत्तर में। शिववास नंदी पर (16 जनवरी सुबह 5:47 तक), फिर पूर्व में। राहु वास दक्षिण, कुंभ चक्र कण्ठ में।
आज ज्येष्ठा नक्षत्र और चंद्रमा वृश्चिक में होने से गहराई, शक्ति और परिवर्तन में सफलता मिलेगी। गुरुवार होने से गुरु जी को पीले वस्त्र-चने की दाल चढ़ाएं, विष्णु सहस्रनाम पढ़ें और पीले फल दान करें। सारे कार्य सिद्ध होंगे।