आज का पंचांग (15 December 2025): सफला एकादशी आज, पंचांग से जानिए किस शुभ समय पर करें पूजा पाठ
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 15, 2025, 06:57 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (15 December 2025): आज 15 दिसंबर 2025 के दिन षौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी है, जिसे सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। आज का दिन सोमवार है। आज एकादशी तिथि रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहने वाली है। इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। चित्रा नक्षत्र सुबह 11 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र शुरू हो जाएगा। शोभन योग दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, फिर अतिगण्ड योग लग जाएगा। करण बव सुबह 8 बजकर 3 मिनट तक, इसके बाद बालव करण लगेगा जो रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। अंत में कौलव करण रहेगा। आइए जानते हैं कि किस समय पर आज पूजन करना शुभ रहेगा?
15 दिसंबर का पंचांग
आज का पंचांग (15 December 2025): आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी शाम 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, फिर द्वादशी लग जाएगी। इस एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। नक्षत्र चित्रा सुबह 11 बजकर 8 मिनट तक रहेगा, फिर स्वाती नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में रहेगा। योग शोभन दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। करण बव सुबह 8 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। आज सोमवार है। शिव उपासना और रुद्राभिषेक विशेष फलदायी रहेगा। आज चित्रा नक्षत्र और चंद्रमा तुला में होने से व्यापार, कला और संबंधों में सफलता मिलेगी। सोमवार होने से शिवलिंग पर दूध-दही चढ़ाएं, रुद्राभिषेक करें और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें तो सारे कष्ट दूर होंगे।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 26 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 16 दिसंबर रात 3 बजकर 45 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 20 मिनट और रात की 13 घंटे 40 मिनट 36 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण एकादशी शाम 9:19 तक, फिर कृष्ण द्वादशी। नक्षत्र चित्रा सुबह 11:08 तक, फिर स्वाती। करण बालव शाम 9:19 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 0।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
15 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:17 से 6:12 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:44 से 7:06 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:56 से दोपहर 12:37 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:00 से 2:41 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:24 से 5:51 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:26 से 6:48 बजे तक
- अमृत काल: 16 दिसंबर सुबह 4:15 से 6:03 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:49 बजे से 16 दिसंबर सुबह 12:44 तक
15 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 8:24 से 9:41 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 10:59 से 12:16 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 1:34 से 2:51 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:37 से 1:18 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 5:27 से 7:15 बजे तक
- बाण: अग्नि – 16 दिसंबर सुबह 4:27 तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मुद्गर सुबह 11:08 तक, फिर छत्र। तमिल योग में मरण सुबह 11:08 तक, फिर सिद्ध। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को (सुबह 11:08 तक), फिर केतु को। दिशा शूल पूर्व दिशा में – पूर्व की यात्रा टालें। अग्निवास शाम 9:19 तक पृथ्वी में, फिर आकाश में। चंद्र वास पश्चिम में। शिववास शाम 9:19 तक कैलाश पर, फिर नंदी पर। राहु वास उत्तर-पश्चिम, कुंभ चक्र तल में।