Aaj Ka Panchang : विजया एकादशी का व्रत आज, जानिए 13 फरवरी के दिन किस समय पर करें पूजा-पाठ, दान और शुभ कार्य
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Feb 13, 2026, 05:47 AM IST
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 13 February 2026: आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार किसी भी व्रत की पूजा और उस दिन किया जाने वाला दान शुभ मुहूर्त में होना चाहिए। आइए जानते हैं कि 13 फरवरी के दिन का शुभ और अशुभ काल का समय क्या है?
13 फरवरी 2026 का पंचांग
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 13 February 2026: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज फाल्गुन माह (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि दोपहर तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ होगी। इस दिन ही विजया एकादशी का व्रत रखा जाएगा। विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। वहीं, शुक्रवार होने के कारण आज का दिन माता लक्ष्मी की उपासना, सौभाग्य और सुख-समृद्धि से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। चंद्रमा धनु राशि में विराजमान रहेंगे। आइए जानते हैं 13 फरवरी 2026 के दिन शुभ और अशुभ काल का समय क्या रहेगा?
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
13 फरवरी को सूर्य का उदय सुबह 07:01 बजे और सूर्यास्त शाम 06:10 बजे होगा। चंद्रमा का उदय 14 फरवरी की सुबह 04:53 बजे और चन्द्रास्त दोपहर 02:10 बजे होगा।
आज का पंचांग
आज कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि दोपहर 02:25 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्र के रूप में मूल नक्षत्र दोपहर 04:12 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रभावी होगा। योग की बात करें तो वज्र योग 14 फरवरी की सुबह 03:23 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग आरंभ होगा। करण के अनुसार बालव करण दोपहर 02:25 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद कौलव करण 14 फरवरी की सुबह 03:17 बजे तक रहेगा।
वार एवं पक्ष
आज शुक्रवार है और कृष्ण पक्ष चल रहा है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी, वैभव और दांपत्य सुख से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
चन्द्र मास, सम्वत एवं संवत्सर
आज विक्रम सम्वत 2082 (कालयुक्त), शक सम्वत 1947 (विश्वावसु) और गुजराती सम्वत 2082 (पिंगल) रहेगा। चन्द्र मास के अनुसार फाल्गुन मास (पूर्णिमांत) और माघ मास (अमांत) मान्य रहेगा।
राशि तथा नक्षत्र
आज चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे। सूर्य कुम्भ राशि में विराजमान रहेंगे। सूर्य का नक्षत्र धनिष्ठा रहेगा। चंद्र नक्षत्र पहले मूल और उसके बाद पूर्वाषाढ़ा रहेगा।
ऋतु तथा अयन
आज शिशिर ऋतु और उत्तरायण का प्रभाव रहेगा। दिनमान लगभग 11 घंटे 08 मिनट 23 सेकंड और रात्रिमान करीब 12 घंटे 50 मिनट 47 सेकंड रहेगा। मध्याह्न काल दोपहर 12:35 बजे माना गया है।
13 फरवरी के दिन का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 बजे से 06:10 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:44 बजे से 07:01 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 बजे से 03:11 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:07 बजे से 06:33 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:10 बजे से 07:27 बजे तक
अमृत काल: सुबह 09:08 बजे से 10:54 बजे तक
निशिता मुहूर्त: 14 फरवरी की रात 12:09 बजे से 01:01 बजे तक
13 फरवरी के दिन का अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 11:12 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 03:23 बजे से 04:46 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 08:25 बजे से 09:48 बजे तक
वर्ज्य: दोपहर 02:26 बजे से 04:12 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 09:15 बजे से 10:00 बजे तक एवं दोपहर 12:58 बजे से 01:42 बजे तक
गण्ड मूल: सुबह 07:01 बजे से दोपहर 04:12 बजे तक
बाण के अनुसार मृत्यु बाण 14 फरवरी की सुबह 03:58 बजे से पूर्ण रात्रि तक प्रभावी रहेगा।
आनन्दादि एवं तमिल योग
आज आनन्दादि योग स्थिर दोपहर 04:12 बजे तक रहेगा, इसके बाद वर्धमान योग प्रभावी होगा। तमिल योग के अनुसार अमृत योग दोपहर 04:12 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग बनेगा।
जीवनम एवं नेत्रम
आज का जीवनम अर्ध जीवन रहेगा। नेत्रम दोपहर 04:12 बजे तक एक नेत्र और उसके बाद नेत्रहीन माना गया है।
निवास और शूल
आज होमाहुति राहु दोपहर 04:12 बजे तक और उसके बाद केतु की रहेगी। दिशा शूल पश्चिम दिशा में माना गया है। चन्द्र वास पूर्व दिशा में रहेगा। राहु वास दक्षिण-पूर्व दिशा में रहेगा। शिववास दोपहर 02:25 बजे तक कैलाश पर और उसके बाद नन्दी पर विराजमान माने गए हैं। कुम्भ चक्र के अनुसार दोपहर 04:12 बजे तक तल अवस्था और उसके बाद कण्ठ अवस्था शुभ मानी गई है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग एवं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। यह केवल सामान्य सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
