आज का पंचांग (13 December 2025): षौष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी आज, पंचांग से जानिए 13 दिसंबर के दिन किस समय पर करें शुभ कार्य
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 13, 2025, 06:29 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (13 December 2025): आज 13 दिसंबर 2025, दिन शनिवार है। आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि शाम 4:37 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज पूरे दिन हस्त नक्षत्र बना रहेगा। गर करण शाम 4:37 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद वणिज करण लगेगा। वहीं आयुष्मान योग सुबह 11:17 बजे तक रहेगा, जिसके बाद सौभाग्य योग का आरंभ हो जाएगा।
13 दिसंबर 2025 का पंचांग
आज का पंचांग (13 December 2025): आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की नवमी दोपहर 4 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, फिर दशमी लग जाएगी। नक्षत्र हस्त पूरे दिन और रात रहेगा। चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में रहेगा। योग आयुष्मान सुबह 11 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। करण गर दोपहर 4 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। आज शनिवार है। इस कारण शनि उपासना, तिल-कम्बल दान और पीपल की परिक्रमा विशेष फलदायी रहेगी।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 26 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 14 दिसंबर रात 1 बजकर 57 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 1 बजकर 7 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 20 मिनट 36 सेकंड और रात की 13 घंटे 40 मिनट 2 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण नवमी दोपहर 4:37 तक, फिर कृष्ण दशमी। नक्षत्र हस्त पूरे दिन और रात। करण वणिज 14 दिसंबर सुबह 5:40 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 28।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
13 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:16 से 6:10 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:43 से 7:05 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:55 से दोपहर 12:36 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 से 2:40 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:23 से 5:50 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:26 से 6:48 बजे तक
- अमृत काल: 14 दिसंबर सुबह 1:41 से 3:27 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:48 बजे से 14 दिसंबर सुबह 12:43 तक
13 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 9:40 से 10:58 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 1:33 से 2:51 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 7:05 से 8:23 बजे तक
- विडाल योग: पूरे दिन
- दुर्मुहूर्त: सुबह 7:05 से 7:46 बजे तक और सुबह 9:09 से 9:50 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 3:06 से 4:52 बजे तक
- बाण: मृत्यु – 14 दिसंबर सुबह 5:16 से पूरी रात तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मृत्यु, तमिल योग में मरण। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को। दिशा शूल पूर्व दिशा में – पूर्व की यात्रा टालें। अग्निवास दोपहर 4:37 तक पृथ्वी में, फिर आकाश में। चंद्र वास दक्षिण में। शिववास दोपहर 4:37 तक सभा में, फिर क्रीड़ा में। राहु वास पूर्व, कुंभ चक्र तल में।