रमजान इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पाक नौवां महीना है। इसकी शुरुआत साल 2026 में 19 फरवरी को हुई थी। आज 23 फरवरी 2026 रमज़ान का 5वां रोज़ा है। रोजेदार इफ्तार तभी करेंगे जब सूर्य अस्त होगा, और आज सूर्यास्त 6 बजकर 17 मिनट पर होगा। इसका मतलब है कि रोज़ा इफ्तार का सही समय सूर्यास्त 6:17 बजे के तुरंत बाद माना जाएगा। इसके साथ ही इस दिन कुरआन की तिलावत की जाती है। इस दौरान लोग अधिक से अधिक नेक काम करते हैं। आइए जानते हैं कि भारत के प्रमुख शहरों में आज इफ्तार का समय क्या है?
आज का इफ्तार कितने बजे है, देश के शहरों अनुसार समय (Roza Iftar Timing Today)-
| शहर / City | आज का इफ्तार समय (अनुमानित) |
|---|---|
| नई दिल्ली (Delhi) | 6:17 PM के बाद |
| हैदराबाद (Hyderabad) | लगभग 6:20 PM |
| मुंबई (Mumbai) | लगभग 6:38 PM |
| कोलकाता (Kolkata) | लगभग 5:35 PM |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | लगभग 6:30 PM |
| लखनऊ (Lucknow) | लगभग 6:02 PM |
| कानपुर (Kanpur) | लगभग 6:03 PM |
| सूरत (Surat) | लगभग 6:36 PM |
| पटना (Patna) | लगभग 5:48 PM |
| भोपाल (Bhopal) | लगभग 6:22 PM |
| जयपुर (Jaipur) | लगभग 6:24 PM |
| त्रिवेंद्रम / Thiruvananthapuram (केरल की राजधानी) | लगभग 6:35 PM |
| जम्मू (Jammu) | लगभग 6:18 PM |
| सिन्ज़ागढ़ (Srinagar) | लगभग 6:20 PM |
| अलीगढ़ (Aligarh) | लगभग 6:02 PM |
नोट- ऊपर दिए समय स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार हैं। रोजा इफ्तार सूरज डूबने के बाद ही खोला जाता है।
इफ्तार कब किया जाता है और इसका क्या महत्व है?
इफ्तार वह समय है जब रोजेदार अपना रोज़ा खोलते हैं। रोज़ा सूर्योदय से पूर्व सेहरी के साथ शुरू होता है और सूर्यास्त के समय इफ्तार से बंद होता है। रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का एक पवित्र महीना है और इसे इस्लाम के पांच मुख्य स्तंभों में से एक माना जाता है। दरअसल रमज़ान का उद्देश्य खुद पर नियंत्रण, संयम और आत्म-शुद्धि है।पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने से आत्म-अनुशासन और सहानुभूति की भावना बढ़ती है। रोज़ा रखने का मकसद सिर्फ भोजन न रोकना, बल्कि अपने अंदर संयम, दया और खुदा की याद बनाए रखना है। रोज़ा एक आत्मिक अभ्यास है जो इंसान को दूसरों के प्रति दयालु बनाता है।
इफ्तार कैसे किया जाता है (Iftar Ka Sahi Tarika)
इफ्तार की प्रक्रिया सरल है। रोज़ा सूरज के अस्त होने पर ही खोला जाता है। आज 6:17 बजे सूर्यास्त है, इसलिए रोजेदार भी उसी समय या उसके तुरंत बाद इफ्तार करेंगे।
दुआ के साथ इफ्तार खोलना
रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ना सही माना जाता है:
“اللهم لك صمت وعلى رزقك أفطرت”
इसका अर्थ है — 'हे अल्लाह! मैंने तुझे याद करते हुए रोज़ा रखा और तेरे दिये हुए रोज़े से इफ्तार कर रहा/रही हूं।'
खजूर या पानी से शुरुआत
परंपरा के अनुसार पहले इफ्तार हमेशा खजूर या पानी से की जाती है। इसके बाद हल्का भोजन किया जाता है। इफ्तार के दौरान ज्यादा भारी खाना न खाएं।
