रमजान इस्लामी चाद्र कैलेंडर का नौवां महीना है और मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। दुनिया भर के मुसलमान इस महीने में रोजा रखते हैं, कुरआन की तिलावत करते हैं और ज्यादा से ज्यादा नेक काम करने की कोशिश करते हैं। रोजा रखने की शुरुआत सेहरा/ शेहरी से होती है और इफ्तार से साथ इसे खोला जाता है। आज तीसरे रोजा का इफ्तार कितने बजे होगा, इसका समय आप यहां से जान सकते हैं। शहर अनुसार इफ्तार का टाइम यहां बताया गया है।
आज का इफ्तार कितने बजे है, शहर अनुसार समय (Roza Iftar Timing Today)-
| शहर का नाम | इफ्तार का समय |
| दिल्ली | 6:17 PM |
| नोएडा | 6:17 PM |
| लखनऊ | 6:03 PM |
| पटना | 5:47 PM |
| हैदराबाद | 6:21 PM |
| इंदौर | 6:15 PM – 6:20 PM |
| मुंबई | 6:42 PM |
| चेन्नई | 6:17 PM |
| जयपुर | 6:15 PM – 6:20 PM |
| बेंगलुरू | 6:27 PM |
इफ्तार करने की दुआ, रोजा खोलने की दुआ हिंदी में (Roza Kholne Ki Dua in Hindi)-
अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु,व-बिका आमन्तु,व-अलयका तवक्कालतू,व अला रिज़किका अफतरतू।
अर्थ- हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया और तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोज़ा खोला।
इफ्तार की दुआ इंग्लिश में (Roza Kholne Ki Dua in English)-
Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika-aftartu
Meaning- O Allah! I fasted for You, I believe in You, I trust in You and with Your sustenance I break my fast.
अरबी में रोज़ा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in Arabic)-
اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
तरावीह की दुआ हिंदी में (Traweeh Ki Dua In Hindi)-
'सुबहान ज़िल मुल्कि वल मलकूत, सुब्हान ज़िल इज्ज़ति वल अज़मति वल हय्बति वल कुदरति वल किबरियाई वल जबरूत, सुबहानल मलिकिल हैय्यिल लज़ी ला यनामु वला यमुतू सुब्बुहून कुददुसुन रब्बुना व रब्बुल मलाइकति वर रूह, अल्लाहुम्मा अजिरना मिनन नारि या मुजीरू या मुजीरू या मुजीर'
तरावीह की दुआ अंग्रेजी में (Traweeh Ki Dua In English)-
'Subhana zil mulki wal malakut. subhana zil izzati wal azmati wal haibati wal qudrati wal kibriya ay wal jabaroot. subhanal malikil hayyil lazi la yanamu wala yamooto subbuhun quddusun rabbuna Wa Rabbul Malaikati War Ruh- Allahumma Ajirna Minan Naar Ya Mujiro Ya Mujiro Ya Mujeer.'
पुरुषों के लिए तरावीह की नियत (Traweeh Ki Niyat For Men)-
नियत की मैंने दो रकात नमाज़ सुन्नत तरावीह, अल्लाह तआला के वास्ते, वक्त इशा का, पीछे इस इमाम के मुहं मेरा कअबा शरीफ़ की तरफ़, अल्लाहु अकबर कह कर अपना हाथ बांध लेना है और फिर सना पढ़ेंगे !
महिलाओं के लिए तरावीह की नियत (Traweeh Ki Niyat For Women)-
नियत करती हूं मैं दो रकात नमाज़ सुन्नत तरावीह की, अल्लाह तआला के वास्ते, वक्त इशा का, मुहं मेरा मक्का कअबा की तरफ, अल्लाहु अकबर..फिर हाथ ऊपर करके नियत बांध लेते हैं।
इफ्तार करने या रोजा खोलने का तरीका-
सूर्य ढलते ही यानी मग़रिब की अज़ान होते ही इफ्तार करना सुन्नत है और समय पर करना ज़रूरी है। सुन्नत का पालन करते हुए खजूर या सादे पानी से रोज़ा खोलना सबसे बेहतर माना गया है। बिस्मिल्लाह पढ़ें और रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ें- 'अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु, व बिका आमन्तु, व अलैका तवक्कल्तु, व अला रिज़्किका अफ़्तरतु'। इफ्तार के समय ही रोज़ा खोलने की नियत (इरादा) करनी चाहिए। फिर फल, शरबत जैसा हल्का भोजन ही करना चाहिए। इफ्तार के तुरंत बाद या थोड़ी देर बाद ही मग़रिब की नमाज़ अदा करना चाहिए।
