अध्यात्म

31 January 2025 Panchang: पंचांग से जानिए आज का शुभ मुहूर्त, तिथि, राहुकाल, दिशा शूल और शुक्रवार के उपाय

31 January 2025 Panchang: शुक्रवार, 31 जनवरी का दिन शक्ति उपासना का है। आज वैभव लक्ष्मी का पावन व्रत है। बता दें कि सूर्योदय 7 बजकर 24 मिनट पर होगा और सूर्यास्त 5 बजकर 30 मिनट पर। इस दिन मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें और साथ ही श्री सूक्त का पाठ करें। यहां देखें दैनिक पंचांग।

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31 january 2025 panchang in hindi

31 January 2025 Panchang: कुम्भ महोत्सव के परम पवित्र माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, दिन शुक्रवार है। आज वैभव लक्ष्मी का पावन व्रत है। महाकुम्भ स्नान चल रहा है। आज संगम में या किसी पवित्र नदी में स्नान का आध्यात्मिक लाभ लें। भगवान शिव जी की उपासना करें।कम्बल का दान करें। आज का व्रत विष्णु जी व लक्ष्मी जी को समर्पित बहुत ही पुण्यदायी होता है। शक्ति उपासना का दिवस है। श्री सूक्त का पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों, तिल व कंबल का दान करें। माता गंगा की उपासना करें। आज सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। भगवान विष्णु के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान व दान पुण्य करें। तिल के लड्डू व ऊनी वस्त्रों का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। इस समय नित्य गंगा स्नान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें। आध्यात्मिक सतसंग का आनन्द लें। घर के मन्दिर में अखण्ड दीप जलाएं व भगवान के नाम का संकीर्तन करें।

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग)-

संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह- माघ, शुक्ल पक्ष,तृतीया

तिथि- द्वितीया 02 pm तक फिर तृतीया

दिवस- शुक्रवार

सूर्योदय- 07:24am

सूर्यास्त- 05:30pm

नक्षत्र- शतभिषा

चन्द्र राशि - कुम्भ, स्वामी ग्रह-शनि

सूर्य राशि- मकर, स्वामी ग्रह-शनि

करण- कौलव 01:58 pm तक फिर तैतिल

योग- वरियान 03:33 pm तक फिर परिघ

शुभ मुहूर्त-

1) अभिजीत- 12:13 pm से 12;56 pm तक

2) विजय मुहूर्त- 02:23pm से 03:27pm तक

3) गोधुली मुहूर्त- 06:22pm से 07:25pm तक

4) ब्रम्ह मुहूर्त- 4:08m से 05:03am तक

5) अमृत काल- 06:01am से 07:44am तक

6) निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:42से 12:21 रात तक

7) संध्या पूजन- 06:20 pm से 07:04pm तक

दिशा शूल-

पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल- प्रातःकाल 10:30 बजे दोपहर 12 बजे तक

क्या न करें- पत्नी का अपमान मत करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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