3 February 2025 Panchang, Amrit Snan Shubh Muhurat: पंचांग अनुसार आज माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी। आज कुंभ मेले का आखिरी अमृत स्नान किया जाएगा। शाही स्नान के लिए ब्रम्ह मुहूर्त का समय सबसे शुभ माना जाता है जो सुबह 4:03m से 05:09am तक रहेगा। इसके अलावा आज स्कन्द षष्ठी का पर्व भी मनाया जाएगा। चलिए आपको बताते हैं आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त समेत पूरा पंचांग विस्तार से यहां।
Basant Panchami 2025 Puja Muhurat (बसंत पंचमी 2025 पूजा मुहूर्त)
| बसंत पंचमी सरस्वती पूजा मुहूर्त | 3 फरवरी 2025, सूर्योदय से लेकर सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक |
| पंचमी तिथि प्रारम्भ | 2 फरवरी 2025 को 12:45 PM बजे |
| पंचमी तिथि समाप्त | 3 फरवरी 2025 को 11:48 AM बजे |
3 जनवरी 2025 पंचांग (3 January 2025 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-माघ, शुक्ल पक्ष, पंचमी,पर्व -बसन्त पंचमी
तिथि- पंचमी
दिवस -सोमवार
सूर्योदय-07:27am
सूर्यास्त-05:27pm
नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद
चन्द्र राशि - मीन,स्वामी ग्रह-गुरु
सूर्य राशि- मकर,स्वामी ग्रह-शनि
करण- बव
योग- सिद्ध
3 जनवरी 2025 शुभ मुहूर्त (3 January 2025 Shubh Muhurat)
अभिजीत-12:11 pm से 12;58 pm तक
विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:25pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:22pm
ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:09am तक
अमृत काल-06:09am से 07:40am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:22तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:08pm तक
दिशा शूल-पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे 06 बजे तक
क्या करें- कुम्भ महोत्सव के परम पवित्र माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि दिवस सोमवार है। आज भगवान शिव जी का पावन व्रत है। महाकुम्भ स्नान चल रहा है। आज संगम में या किसी पवित्र नदी में स्नान का आध्यात्मिक लाभ लें। भगवान शिव व माता पार्वती जी की उपासना करें। अपने वजन के बराबर दाल का दान करें। यह माह विष्णु जी व लक्ष्मी जी को समर्पित बहुत ही पुण्यदायी होता है। आज शक्ति उपासना का दिवस है। शिवपुराण का पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों ,तिल व कंबल का दान करें।माता गंगा की उपासना करें। दुर्गासप्तशती पाठ से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। भगवान शंकर जी के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान व दान पुण्य करें। तिल के लड्डू व काले ऊनी वस्त्रों का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। इस समय नित्य गंगा स्नान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें। आध्यात्मिक सतसंग का आनन्द लें। सोमवार को श्री रामचरितमानस का पाठ करें।
