अध्यात्म

21 September 2024 Panchang : पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन क्या होगा श्राद्ध का मुहूर्त, यहां जानें आज का पूरा पंचांग

21 September 2024 Panchang In Hindi: 21 सितंबर 2024 के दिन पितृ पक्ष का चतुर्थी श्राद्ध किया जाएगा। इसे भरणी श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानें इस दिन श्राद्ध का मुहूर्त क्या होगा।

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21 September 2024 Panchang

21 September 2024 Panchang In Hindi (21 सितंबर 2024 आज का पंचांग): आज के दिन पितृ पक्ष का चतुर्थी श्राद्ध किया जाएगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:07 बजे होगा। आज के दिन भरणी नक्षत्र रहेगा। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त 11:55 से लेकर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ रहेगा। आज के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

Pitru Paksha 2024 Chaturthi Shradh Muhurat (पितृ पक्ष चतुर्थी श्राद्ध मुहूर्त 2024)

  • चतुर्थी तिथि- शाम 6 बजकर 15 मिनट तक
  • व्याघात योग - 11:36 AM
  • कुतुप मूहूर्त - 11:55 से 12:43
  • रौहिण मूहूर्त- 12:43 से 1:31
  • भरणी नक्षत्र- 02:42 AM से 12:36 AM

21 September 2024 Panchang In Hindi (21 सितंबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-आश्विन ,कृष्ण पक्ष

तिथि- चतुर्थी व्रत- पितृ पक्ष श्राद्ध चतुर्थी

दिवस-शनिवार

सूर्योदय-06:07am

सूर्यास्त-06:38pm

नक्षत्र- भरणी

चन्द्र राशि -मेष राशि,स्वामी ग्रह-मङ्गल

सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध

करण- बव 07:41am तक फिर बालव

योग:- व्याघात

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:55pm से 12:23 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:29pm से 03:21 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:20 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:04m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:06am से 07;51am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:47 से 12:21तक रात

संध्या पूजन-06:21 pm से 07:04pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें-आश्विन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। पितृ पक्ष चल रहा है। आज चतुर्थी श्राद्ध दिवस है।अपने पितरों का श्राद्ध अवश्य करें। आज साप्ताहिक शनिवार व्रत रख सकते हैं। भगवान कृष्ण कल्याणकारी व पालनकर्ता हैं।वह संकटों का नाश करते हैं। कृष्ण उपासना से शनि ग्रह शांत रहते हैं। दिन भर उपवास में भगवान कृष्ण जी की उपासना की जाती है। आज संकल्प करें कि हम धार्मिक ज्ञान प्राप्त करेंगे। कुछ संत निराजल व्रत रखकर उपासना करते हैं व सायंकाल भोजन वो भी फलाहार व्रत रखते हैं। सुंदरकांड का पाठ करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो। कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं।शरीर स्वस्थ रखने के लिए हनुमान बाहुक का पाठ भी करें।पितृ पक्ष में श्री मद्भागवत कथा व गीता का श्रवण करें। पितृ पक्ष में नियमित पितरों का श्राद्ध करें । गाय को रोटी,गुड़ व भोजन दें।कौवे को नित्य भोजन दें।श्राद्ध पक्ष में नियमित तर्पण करें व तिथि के दिन श्राद्ध अवश्य करें।

क्या न करें-पुरखों का श्राद्ध अवश्य करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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