अध्यात्म

21 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की पंचमी के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त

21 October 2024 Panchang (21 अक्तूबर 2024 पांचांग) : आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 22 मिनट पर होगा। इसके साथी ही इस दिन 06:51 तक रोहिणी नक्षत्र रहने वाला है। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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21 October 2024 Panchang

21 October 2024 Panchang (21 अक्तूबर 2024 पांचांग) : कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि के दिन सुबह 6 बजकर 50 मिनट के बाद मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11;53am से 12:31 pm तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। सोमवार के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 07:30 से 09 बजे तक रहेगा। आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें। इस दिशा में दिशा शूल रहेगा। अब जानिए पूरा पंचांग।

21 October 2024 Panchang (21 अक्तूबर 2024 पांचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,कृष्ण पक्ष

तिथि- पंचमी ,व्रत-सोमवार व्रत

दिन- सोमवार

सूर्योदय-06:22am

सूर्यास्त-06:02pm

नक्षत्र-रोहिणी06:51am तक फिर मृगशिरा

चन्द्र राशि -वृष,स्वामी-शुक्र 06:17 pm तक तत्पश्चात मिथुन,स्वामी-बुध

सूर्य राशि-तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण- कौलव 08:18pm तक फिर तैतिल

योग: वरियान 11:12am तक फिर परिघ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11;53am से 12:31 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:22 pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:24 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:05am से 07;41am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:20 तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल- प्रातःकाल 07:30 से 09 बजे तक

क्या करें-आज सोमवार का पावन व्रत रहें। शिवपुराण का पाठ करें। भगवान शिव व चन्द्रमा के आशीर्वाद के लिए व्रत रहेंगे।फलाहार व्रत व चन्द्रमा की उपासना की जाती है। इस व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं तथ उम्र लंबी होती है। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके यह नियमित साप्ताहिक सोमवार का महान व्रत करें। भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। मन्दिर में शिवलिंग पर गंगा जल,मधु,शक्कर व तिल अर्पित करें। सोमवार को श्री रामचरितमानस का नियमित पाठ करें

क्या न करें- असत्य वाचन से बचें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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