अध्यात्म

18 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए कार्तिक मास के पहले दिन की पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

18 October 2024 Panchang: कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि दोपहर 1 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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18 October 2024 Panchang

18 October 2024 Panchang (18 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल आज के दिन कार्तिक मास की शुरुआत होगी। आज के दिन भरणी नक्षत्र रहेगा। दोपहर 1 बजकर 28 मिनट तक अश्वनी नक्षत्र रहेगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11;55 am से 12:30 pm तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। राहुकाल का समय प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। अब आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

18 October 2024 Panchang (18 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,कृष्ण पक्ष

तिथि- प्रतिपदा 01:16 pm तक फिर द्वितीया,व्रत-वैभव लक्ष्मी

दिन- शुक्रवार

सूर्योदय-06:19am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र-अश्वनी 01;28 pm तक फिर भरणी

चन्द्र राशि -मेष ,स्वामी ग्रह-,मङ्गल

सूर्य राशि-तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण-कौलव 01:17pm तक फिर तैतिल

योग: वणिज 09:35pm तक तत्पश्चात सिद्धि

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11;55 am से 12:30 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:25 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:08am से 07;40am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक

क्या करें-आज वैभव लक्ष्मी का पावन व्रत रहें।श्री सूक्त का पाठ करें। भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी जी के आशीर्वाद के लिए व्रत रहेंगे। व्रत व भगवान विष्णु जी की उपासना की जाती है। गुड़ व अनार का दान करें। आज व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके यह महान व्रत करें। भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। मन्दिर में शिवलिंग पर गंगा जल,मधु,शक्कर व दुग्ध अर्पित करें।जो लोग व्याधि से ग्रसित हैं वे मन्दिर में स्वयंभू शिवलिंग पर कुशोदक से भगवान शिव का अभिषेक करें। कुशोदक से रुद्राभिषेक करवाएं।शुक्र के बीज मंत्र का जप करें।

क्या न करें- पत्नी की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें। जीवन संगिनी का अपमान करने से शुक्र का फल प्राप्त नहीं होता।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराज author

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़... और देखें

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