अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 17 May 2024: जानिए वैशाख शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और प्रदोष काल समय

17 May 2024 Panchang, Shubh Muhurat: पंचांग अनुसार 17 मई को वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी और दशमी तिथि रहेगी। इस दिन शुक्रवार व्रत रखा जाएगा। जानिए 17 मई का पूरा पंचांग।

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17 May 2024 Panchang

17 May 2024 Panchang, Shubh Muhurat: आज वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 08:48 तक रहेगी इसके बाद दशमी लग जाएगी। इसके अलावा नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लग जाएगा। तो वहीं पूरे दिन रवि योग रहेगा। राहुकाल सुबह 10:36 से दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।

17 मई 2024का पंचांग

संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-वैशाख , शुक्ल पक्ष

तिथि- नवमी 08:48am तक फिर दशमी

दिन-शुक्रवार

व्रत- वैभव लक्ष्मी व्रत।

सूर्योदय-05:47am

सूर्यास्त-06:55 pm

नक्षत्र- पूर्वाफाल्गुनी 09:19 pm तक फिर उत्तराफाल्गुनी

चन्द्र राशि- सिंह,स्वामी-सूर्य

सूर्य राशि- वृष

करण- कौलव 08:49am तक फिर तैतिल

योग- व्याघात 09:19 am तक फिर हर्षण

17 मई 2024 शुभ मुहूर्त

अभिजीत-11:55am से 12:48 pm

विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:27 pm तक

गोधुली मुहूर्त-06:44 pm से 07:07 pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:10am से 05:03am तक

अमृत काल-06:02am से 07:56 am तक

निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:54 से 12:44 तक

संध्या पूजन-06:52pm से 07:50pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

17 मई 2024 अशुभ मुहूर्त

राहुकाल -प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक

क्या करें-भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी जी की उपासना करें। मन्दिर में भगवान की पूजा अर्चना करें। अन्न व वस्त्र दान का बहुत महत्व है। भगवान श्री हरि के निमित्त व्रत रहें। उपवास फलाहार होगा।गुरु के बीज मंत्र का जप करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें। किसी भी मंदिर परिसर में बेल का पेड़ लगाएं। आज श्री कृष्ण पूजा का विशेष महत्व है। भगवान श्री कृष्ण जी के भजन व नाम का संकीर्तन करें। वैभव लक्ष्मी व्रत रहें।

क्या न करें- पत्नी का सम्मान करें। विवाहित महिलाएं पति से बेवजह क्लेश मत करें बल्कि उससे प्यार से बाते करें। उनकी वाणी में माधुर्यता व प्रेम हो।शुक्र दाम्पत्य जीवन मे प्रेम का कारक ग्रह है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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