अध्यात्म

14 September 2024 Panchang: परिवर्तिनी एकादशी के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, यहां जानिए पूरा पंचांग

14 September 2024 Panchang: भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर होगा। वहीं सूर्यास्त शाम को 6 बजकर 17 मिनट पर होगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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14 September 2024 Panchang

14 September 2024 Ka Panchang (आज का पंचांग 14 सितंबर 2024): भादव महीने की शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर होगा। आज के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11:55 से लेकर 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना होगा। आज के राहुकाल दिन प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

14 September 2024 Panchang (आज का पंचांग 14 सितंबर 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-भाद्रपद ,शुक्ल पक्ष

तिथि-एकादशी,व्रत- एकादशी व्रत

दिवस-शनिवार

सूर्योदय-05:49am

सूर्यास्त-06:17pm

नक्षत्र- उत्तराषाढ़ा

चन्द्र राशि -मकर राशि,स्वामी ग्रह-शनि

सूर्य राशि-सिंह ,स्वामी -सूर्य

करण- वणिज

योग:-सौभाग्य

आज का शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:55am से 12:24 pm

2विजय मुहूर्त-02:22pm से 03:20 pm तक

3गोधुली मुहूर्त- 06:21pm से 07:21 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:04m से 05:01am तक

5अमृत काल-06:04am से 07;52am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:51 से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:20 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल - पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

आज का अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें- मासिक भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि है। भगवान विष्णु पालनकर्ता हैं। वह विध्न का नाश करते हैं।किसी भी कार्य के निर्विध्न रूप से पूर्ण करने वाले भगवान कृष्ण हैं। एकादशी का महान व्रत है। व्रत में विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी जी की भी उपासना की जाती है। यह व्रत सभी लोग रख सकते हैं। विष्णु जी को तुलसी दल का भोग लगाएं। मीठा, जल ,अन्न व वस्त्र का दान करें। कुछ संत निराजल व्रत भी रखती हैं। आज शनिवार है। सुंदरकांड का पाठ करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो। कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ भी करें।

क्या न करें-आज चावल ग्रहण मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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