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37 सीटों पर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस की बढ़त की उम्मीद, इन राज्यों में सीटें मिलनी तय

37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है। नामांकन की आख़िरी तारीख 5 मार्च और मतदान 16 मार्च को होगा। इस चुनाव में कांग्रेस की स्थिति खास मानी जा रही है। पार्टी के चार सांसद— अभिषेक मनु सिंघवी,केटीएस तुलसी, फूलो देवी नेताम,रजनी पाटिल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।हालांकि, 37 में से कम से कम 5 सीटें कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही हैं, जिससे पार्टी की राज्यसभा में ताकत बढ़ने की संभावना है।

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राज्यसभा चुनाव।

राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना है। चुनाव के परिणाम की घोषणा भी इसी दिन होगी। इन 37 सीटों पर राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास जहां एक तरफ अपनी सीट बढ़ाने का मौका है तो वहीं गठबंधन के सहयोगियों को साधना भी बड़ी चुनौती है। जिन राज्यों में राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस चुनाव में उसकी सीटों में वृद्धि हो सकती है।

तेलंगाना: दो सीटें लगभग तय?

तेलंगाना में कांग्रेस के पास 76 विधायक हैं, जबकि एक सीट के लिए कोटा 40 का है। यानी एक सीट तो लगभग पक्की है और दूसरी सीट के लिए सिर्फ चार अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होगी।

वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। दूसरी सीट के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी का नाम चर्चा में है। उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था। साथ ही किसी अल्पसंख्यक नेता को मौका दिए जाने की भी अटकलें हैं।

छत्तीसगढ़: एक सीट पर सिमटी लड़ाई

छत्तीसगढ़ में इस बार कांग्रेस के समीकरण बदले हुए हैं। पिछली बार दोनों सीटें कांग्रेस के पास थीं, लेकिन इस बार पार्टी केवल एक सीट जीत पाएगी। ऐसे में केटीएस तुलसी की वापसी मुश्किल मानी जा रही है।

अब सवाल है कि क्या आदिवासी समाज से आने वाली फूलो देवी नेताम को दोबारा मौका मिलेगा। अगर उनका नाम कटता है तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल या पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव को राज्यसभा भेजा जा सकता है।

हिमाचल प्रदेश: बड़े चेहरे या स्थानीय नेता?

हिमाचल प्रदेश में एक सीट पर मुकाबला रोचक है। कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं और जीत का आंकड़ा 35 है। चर्चा है कि क्या वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा को मौका मिलेगा या पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को राज्यसभा भेजा जाएगा। यहां पार्टी बड़े नाम और स्थानीय नेतृत्व के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है।

हरियाणा: हुड्डा की पसंद अहम

हरियाणा से कांग्रेस को एक सीट मिलना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि टिकट उसी को मिलेगा जिसे भूपिंदर सिंह हुड्डा का समर्थन हासिल होगा। रेस में राजबब्बर ,हरियाणा पूर्व अध्यक्ष उदय भान और अनिल जयहिंद के नाम चर्चा में हैं। सरप्राइज़ के तौर पर मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और सोशल मीडिया प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत का नाम भी सामने आ रहा है।

महाराष्ट्र: विपक्ष की एकजुटता पर टिकी नजर

महाराष्ट्र में कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही एनसीपी (एसपी) से शरद पवार, फ़ौज़िया ख़ान और शिवसेना (यूबीटी) से प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।

यहां विपक्ष मिलकर एक सीट निकाल सकता है, लेकिन अंतिम फैसला अभी साफ नहीं है

जून और नवंबर में और सीटें

अप्रैल के बाद जून में 24 और नवंबर में 11 सीटें और खाली होंगी। जून में कांग्रेस की 4 सीटें समाप्त होंगी और 5 सीटें मिलने की संभावना है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सीट भी शामिल है। कुल मिलाकर, अगर समीकरण ऐसे ही रहे तो इस साल राज्यसभा में कांग्रेस की ताकत दो सीट बढ़ सकती है। फिलहाल उच्च सदन में कांग्रेस के 27 सांसद हैं, जो आने वाले महीनों में 29 तक पहुंच सकते हैं।

Ranjeeta Jha
रंजीता झा author

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरे... और देखें

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