ट्रेन पटरियों पर दौड़ती है, और आपने उन पटरियों को भी जरूर देखा होगा। लेकिन आपने कभी सोचा है कि ट्रेन की ये पटरियां किस चीज से बनी होती हैं?
आमतौर पर लोगों को ये लगता है कि ट्रेन की ये पटरियां लोहे की बनी होती हैं, लेकिन आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि ट्रेन की पटरियां लोहे की बनती ही नहीं हैं।
अगर आपको अब तक ये पता था कि ट्रेन की पटरियां लोहे से बनती हैं, तो समझिए कि आप आज तक गलतफहमी में जी रहे थे।
आज हम आपको यही बताएंगे कि आखिर ट्रेन की पटरियां लोहे की नहीं बनतीं तो किस धातु से बनती हैं और साथ में यह भी बताएंगे कि इन पटरियों में कभी जंग क्यों नहीं लगती, जबकि लोहे में तुरंत ही जंग लग जाता है।
दरअसल, ट्रेन की पटरियां एक विशेष प्रकार के स्टील से बनाई जाती हैं, जिसे मैंगनीज स्टील या हॉट रोल्ड स्टील कहते हैं। इन पटरियों को बनाने के लिए लोहे के साथ मैंगनीज और कार्बन मिलाया जाता है। इसे हाई कार्बन स्टील भी कहते हैं।
इस मिश्रण में 12 प्रतिशत मैंगनीज और 0.8 प्रतिशत कार्बन मिक्स होता है। इसे मैंगनीज स्टील भी कहते हैं। यह मिश्रित धातु लोहे से कहीं अधिक मजबूत, टिकाऊ और जंग प्रतिरोधी होती है, जो भारी-भरकम ट्रेनों के भार को सहने और उन पर लंबे समय तक चलने में मदद करती है।
अब यह जान लीजिए कि इन पटरियों पर जंग क्यों नहीं लगती और ट्रेनों के इतना चलने के बाद भी ये घिसती क्यों नहीं हैं। दरअसल, मैंगनीज स्टील ऑक्सीकरण के प्रति प्रतिरोधी होता है, इसलिए पटरियों पर जंग नहीं लगती।
आप जरा सोचें कि इन पटरियों पर ट्रेन के भारी-भरकम पहिए लगातार गुजरते हैं लेकिन ये इसलिए नहीं घिसते क्योंकि स्टील मिश्र धातु इसे लंबे समय तक झेल सकती है।
यही कारण है कि ट्रेन की ये पटरियां सिर्फ लोहे की नहीं, बल्कि मैंगनीज-कार्बन स्टील से बनाई जाती हैं, जिससे उन्हें इतनी मजबूती और लंबे समय तक टिकने में मदद मिलती है।