इस दुनिया ने कई सारे युद्ध देखे हैं। आज भी लगातार किसी ना किसी देश में युद्ध चल ही रहा है। दो विश्व युद्ध भी लोगों ने देखा और इन सबका अंजाम बहुत बुरा हुआ। गोला-बारूद, बम-मिसाइल, खून से लथपथ सैनिक और खूंखार मंजर ही युद्ध की पहचान है। जिसे देख किसी की भी रूह कांप जाएगी।
युद्ध की समयसीमा भी कोई निश्चित नहीं होती है। इसे खत्म होने में दिन, हफ्ते, महीने और साल भी लग जाते हैं। जहां युद्ध में खून-खराबे को लेकर कई खौफनाक इतिहास आज मौजूद हैं। अगर आप इतिहास के उन पन्नों को पलटें तो लोगों को बस दुख और तकलीफें ही मिलती हैं।
ऐसे में आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस दुनिया में एक ऐसा भी युद्ध हुआ था, जिसमें ना कोई गोला-बारूद चला ना ही कोई बम-गोली चली, कोई सैनिक नहीं मरा और न ही कोई असली लड़ाई हुई। कुल मिलाकर इस युद्ध में कोई खून-खराबा नहीं हुआ।
यह लड़ाई नीदरलैंड्स (Netherlands) और आइल्स ऑफ सिसिली (Isles of Scilly) के बीच हुई थी। इतिहास पर अगर नजर डाले तो पता चलता है कि यह युद्ध 1651 में शुरू हुआ था और 17 अप्रैल 1986 में इस युद्ध का अंत हुआ। कुल मिलाकर यह युद्ध 335 सालों तक चला।
युद्ध को लेकर मिली जानकरी के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के दौरान इंग्लैंड में गृहयुद्ध चल रहा था। इसी दौरान एक छोटे से क्षेत्र आइल्स ऑफ सिसिली (Isles of Scilly) ने नीदरलैंड्स (Netherlands) के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी।
अब आप सोच रहे होंगे कि भला यह युद्ध इतना लंबा कैसे खींच गया। तो इसके पीछे की असली वजह ये रही कि असल में, युद्ध तो शुरू हो गया था, लेकिन बाद में दोनों पक्ष इसे खत्म करना ही भूल गए। यानी इस युद्ध में न कोई शांति समझौता हुआ और न ही इसे आधिकारिक तौर पर खत्म किया गया। इस तरह यह युद्ध 335 साल तक सिर्फ कागजों में चलता रहा।
आखिरकार 1986 में जाकर दोनों पक्षों को याद आया कि यह युद्ध अभी तक खत्म नहीं हुआ है। फिर उन्होंने आधिकारिक रूप से शांति समझौता किया और युद्ध खत्म हुआ। इस अनोखे युद्ध को लेकर यह बात बिल्कुल साफ हो गई कि कई बार कुछ बातें सिर्फ औपचारिकताओं की वजह से लंबी खिंची चली जाती हैं।