क्या आपने कभी सोचा है कि कश्मीर को घाटी क्यों कहा जाता है? बहुत सारे लोगों को इस सवाल को लेकर कंफ्यूजन रहती होगी। तो चलिए सबसे पहले आपको बताते हैं कि कश्मीर को घाटी कहने के पीछे की वजह क्या है और इसे धरती का स्वर्ग क्यों माना गया है।
दक्षिण पश्चिम में पीर पंजाल रेंज से लेकर उत्तर-पूर्व में हिमालय पर्वत श्रृंखला तक लगभग 135 किमी लंबा और 32 किमी चौड़ा एक इलाका है। इस इलाके में झेलम नदी नदी बहती है। जिसे धरती का स्वर्ग यानि कश्मीर कहा जाता है।
कश्मीर चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा है। यह एक स्थल-रुद्ध क्षेत्र है। इसका मतलब यह हुआ कि इसके चारों तरफ पहाड़ियां हैं और बीच में यह एक समतल क्षेत्र है।
बता दें कि चारों तरफ पहाड़ियों के बीच बसे समतल क्षेत्र को ही घाटी कहा जाता है। यह एक अंतर-पर्वतीय घाटी है, जो कराकोरम और पीर पंजाल रेंज के बीच स्थित है।
बताया जाता है कि टेक्टॉनिक शिफ्ट के दौरान कश्मीर घाटी विशाल करेवा झील के सूखने से बनी है। चूंकि यह हिस्सा चौड़ा है इस कारण इसे घाटी कहते हैं अगर यही हिस्सा पतला होता तो इसे दर्रा कहा जाता।
कभी कश्मीर को ऋषियों का बगीचा भी कहा जाता था। इतिहासकारों के अनुसार, कश्मीर में मौर्य, कुषाण, हूण, करकोटा, लोहरा, मुगल, अफगान, सिख और डोगरा राजाओं का शासन रहा है।