भारत में अगर कहीं किसी को जाना हो, तो सबसे पहले ट्रेन के बारे में ही सोचता है। हालांकि, बदल समय के साथ-साथ और समय को बचाने के लिए लोग प्लेन से यात्रा करते हैं। लेकिन, ज्यादातर लोग आज भी ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं।
आज के समय में भारत में कई तरह की ट्रेन चलती हैं। सबसे ज्यादा तेज चलने वाली ट्रेन वंदे भारत है। आप सबने भी कई ट्रेनों से सफर किया होगा। वहीं, यात्रा के दौरान कई स्टेशनों से ट्रेन गुजरी होंगी।
जब कभी हम ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन जाते हैं, तो यात्रियों के हमेशा रेलवे के द्वारा अनाउंसमेंट होती रहती है। कौन सी ट्रेन आ रही है, कौन सी ट्रेन जा रही है। कौन सी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आएगी या फिर किस से जाएगी?
आमतौर पर आप सबने रेलवे स्टेशन पर दो भाषाओं हिन्दी और अंग्रेजी में अनाउंसमेंट होते हुए सुना होगा। वहीं, दक्षिण भारत में अनाउंसमेंट के लिए क्षेत्रिय भाषाओं का भी इस्तेमाल होता है।
लेकिन, इसी देश में एक ऐसा रेलवे स्टेशन है, जहां दो, तीन नहीं बल्कि चार भाषाओं में अनाउंसमेंट होती है। सुनकर भले ही आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह सच है। हो सकता है आप में से कुछ लोगों को इसके बारे में जानकारी भी हो।
हम जिस स्टेशन के बारे में बात कर रहे हैं, उसका नाम नवापुर रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन की गिनती भारत के अनोखे रेलवे स्टेशन में होती है। इस स्टेशन का एक हिस्सा महाराष्ट्र में और दूसरा गुजरात में है।
नवापुर रेलवे स्टेशन अलग-अलग राज्यों में दो हिस्सों में बंटा हुआ है। जहां प्लेटफॉर्म से लेकर बेंच तक हर चीज में महाराष्ट्र और गुजरात लिखा हुआ है।इस स्टेशन पर चार अलग-अलग भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और गुजराती भाषा में अनाउंसमेंट होती है।