हमारी धरती पर कई जगहें ऐसी हैं, जहां ठंड बहुत ज्यादा पड़ती है। इतनी ठंड कि लोगों का वहां रहना दुष्वार हो जाता है। हाल में एक ट्रैवल व्लॉगर ने एक ऐसे ही गांव का नजारा अपने वीडियो में दिखाया। जहां दुनिया में सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। ट्रैवल व्लॉगर ने अपने वीडियो में दिखाया कि कैसे उस गांव में रहने वाले लोग इतनी ठंड में भी अपना जीवन यापन करते हैं।
शख्स ने बताया कि दुनिया का सबसे ठंडा गांव ओयम्याकॉन (Oymyakon) है, जो रूस के साइबेरिया इलाके में स्थित है। यहां तापमान हमेशा -50 से -60 डिग्री सेल्सियस रहता है। यहां का रिकॉर्ड तापमान -96 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। शख्स ने यह भी बताया कि इस गांव में इतनी ज्यादा ठंड पड़ती है कि यहां सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।
शख्स ने आगे अपने वीडियो में बताया कि इस गांव में 800 से ज्यादा लोग रहते हैं। जो डेढ़ स्क्वायर किलोमीटर के एरिया में फैले हुए हैं। यहां के लोग खुद को सर्दी से चाने के लिए मोटे ऊनी कपड़े पहनते हैं और ज्यादातर समय घरों के अंदर ही रहते हैं। गांव में आपको पेड़-पौधे ना के बराबर देखने को मिलेंगे क्योंकि यहां की जमीन इतनी ज्यादा जमी रहती है कि यहां पेड़ भी नहीं उग पाते।
शख्स ने अपने वीडियो में दिखाया कि गांव में एक घर के बाहर खड़ा भेड़िया बर्फ में जम चुका है। शख्स बताता है कि यहां पर अगर आप चलते-फिरते नहीं हैं तो आप जम भी सकते हैं। शख्स उस गांव के लोगों से मिलता है और उनके जीवन के पहलिओं के बारें में पूछता है। एक महिला बताती है कि यहां इतनी ठंड होती है कि सांस लेने की आवाज भी घास के सरसराने की तरह लगती है। शख्स आगे बताता है कि वह अपने को ठंड से बचाने के लिए 20-20 कपड़े पहने हुए है। केवल उन कपड़ों का वजन ही 14 किलो है।
शख्स बाहर ठंड में गांव के अंदर घूमते नजर आता है। उसके चेहरे पर जमी बर्फ की एक परत साफतौर पर देखी जा सकती है। शख्स बताता है कि इतनी ठंड में फोन भी काम करना बंद कर देते हैं और गाड़ियां अगर एक बार बंद हो गईं तो उसके इंजन को गर्म होने में काफी वक्त लगता है और उसे दोबारा स्टार्ट होने में काफी समय लग जाता है।
शख्स ने बताया कि इस गांव में रहने वाले लोगों के घरों में एक खास तरह की हीटिंग पाइप लगे होते हैं। जो घरों को हमेशा गर्म रखते हैं। हींटिंग सिस्टम हमेंशा ऑन रहते हैं अगर ये थोड़ी देर के लिए भी बंद हो गए तो लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। यहां के घर लकड़ियों से ही बनते हैं।
घर के एक कमरे को बिना हीटिंग सिस्टम के रखा जाता है। ताकि वे अपने खाने और अन्य चीजों को सुरक्षित तरीके से स्टोर कर सकें। इस गांव के यातायत को रेन डियर चलाते हैं। यहां आपको घोड़े, गाय और रेनडियर अधिक मात्रा में देखने को मिल सकते हैं। यहां के लोग मछली और घोड़े सहित अन्य जानवरों के ही मांस को खाते हैं।