पीएम किसान योजना के तहत जहां देश के तमाम किसानों को हर साल 6,000 रुपये मिलते हैं, वहीं बिहार के किसानों के लिए यह राशि 9,000 रुपये हो गई है यानी बिहार के किसानों को अब 2,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये मिलेंगे।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से अभी तक 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार यह किस्त फरवरी से मार्च 2026 के बीच किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। इससे पहले योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी।
इस योजना का लाभ उन सभी छोटे और सीमांत किसान परिवारों को मिलता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन दर्ज है। किसान के पास वैध आधार कार्ड होना जरूरी है और उनका नाम भूमि रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए। साथ ही, योजना का लाभ लेने के लिए केवाईसी (KYC) पूरा होना अनिवार्य है।
सरकार ने अब सभी पंजीकृत किसानों के लिए KYC अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सही और वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे तथा किसी प्रकार की गड़बड़ी या दोहराव न हो। यदि किसान KYC पूरा नहीं करते हैं तो उनकी किस्त अटक सकती है या भुगतान में देरी हो सकती है।
किसान आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन KYC कर सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर दर्ज करना होगा और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए सत्यापन करना होगा। सत्यापन पूरा होते ही KYC प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जो किसान OTP आधारित KYC ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं, वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से KYC करवा सकते हैं।
किसान PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट www.pmkisan.gov.in पर जाकर अपनी किस्त का स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं। वेबसाइट पर ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘Beneficiary Status’ विकल्प चुनना होगा।
इसके बाद आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा। पोर्टल पर अब तक मिली किस्तों, लंबित भुगतान और आखिरी ट्रांसफर की तारीख की पूरी जानकारी दिखाई देगी।