अब EPFO से जुड़े करीब 8 करोड़ से ज्यादा सदस्य UPI के जरिए अपना PF निकाल सकेंगे। यह सुविधा BHIM ऐप के जरिए मिलेगी, जिससे पैसा सीधे UPI से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
नई व्यवस्था में EPFO सदस्य BHIM ऐप पर अपना कुल PF बैलेंस देख सकेंगे। इसमें यह भी साफ दिखेगा कि कितना पैसा निकासी के लिए पात्र है और कितना न्यूनतम 25% बैलेंस के तौर पर खाते में रखना जरूरी है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में UPI के जरिए प्रति ट्रांजैक्शन निकासी की सीमा 25,000 रुपये रखी जा सकती है। इसका मकसद तुरंत होने वाली निकासी के गलत इस्तेमाल को रोकना है। UPI से जुड़े सभी मौजूदा नियम इस सुविधा पर भी लागू रहेंगे।
इस पूरे सिस्टम को विकसित करने का काम EPFO, C-DAC और NPCI मिलकर कर रहे हैं। वहीं, भुगतान समन्वय के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भी इस प्रक्रिया में शामिल है। शुरुआत में यह सुविधा केवल BHIM एप पर उपलब्ध होगी।
यह सुविधा खासतौर पर उन ब्लू-कॉलर कर्मचारियों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, जिन्हें EPFO के ऑनलाइन पोर्टल से निकासी करने में दिक्कत होती है। UPI के जरिए PF निकालना उनके लिए आसान और तेज होगा।
EPFO ने साफ किया है कि निकासी में भले ही लचीलापन दिया जा रहा है, लेकिन साल में कितनी बार निकासी की जा सकती है, इसकी सीमा तय रहेगी। अगर कोई सदस्य कम समय में बार-बार पैसा निकालता है, तो तय संख्या पूरी होने पर आगे निकासी संभव नहीं होगी।
अक्टूबर में EPFO ने निकासी की कैटेगरी को 13 से घटाकर 3 कर दिया था जिनमें जरूरी जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, शादी), आवास से जुड़ी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं। इसके साथ ही न्यूनतम बैलेंस के तौर पर 25% राशि खाते में रखना अनिवार्य किया गया है।
नौकरी छोड़ने के बाद सदस्य तुरंत 75% PF राशि निकाल सकता है। बाकी 25% राशि एक साल तक बेरोजगार रहने के बाद निकाली जा सकती है। यानी नए नियमों का असर सिर्फ 25% न्यूनतम बैलेंस पर पड़ता है, 75% राशि हमेशा उपलब्ध रहती है। अब शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक आंशिक निकासी की अनुमति है। बीमारी और विशेष परिस्थितियों में हर वित्तीय वर्ष में सीमित बार निकासी की जा सकेगी।