दुनिया की सबसे ठंडी ज्वालामुखी, धरती पर सिर्फ एक यही Volcano जो आग नहीं, उगलती है कीचड़ जैसी लावा

यूं तो हम जब भी ज्वालामुखी के बारे में पढ़ते हैं तो हमें बताया जाता है कि ज्वालामुखी की लावा बहुत गर्म होता है। जिसे छूने भर से भी इंसान जलकर राख हो सकता है लेकिन हम आज आपको एक ऐसी ज्वालामुखी के बारे में बताएंगे, जिसे दुनिया की सबसे ठंडी ज्वालामुखी माना जाता है और इसका लावा आग की तरह लाल नहीं बल्कि कीचड़ की काले रंग का दिखता है।

Authored by: Pankaj YadavUpdated Aug 11 2026, 14:24 IST
दुनिया में सिर्फ एक ज्वालामुखी, जो उगलती है ऐसी लावाImage Credit : IStock01 / 08

दुनिया में सिर्फ एक ज्वालामुखी, जो उगलती है ऐसी लावा

ज्वालामुखी का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में लाल-गर्म लावा की तस्वीर बनने लगती है। आमतौर पर लावा इतना गर्म होता है कि उसे देखते ही समझ आ जाता है कि इसके पास जाना बेहद खतरनाक है लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर एक ऐसी भी लावा है जिसे दुनिया की सबसे ठंडा उबलता हुआ लावा (erupting lava) माना जाता है?

कितना होता है इस लावा का तापमानImage Credit : IStock02 / 08

कितना होता है इस लावा का तापमान

जी हां! इस लावा का नाम नैट्रोकार्बोनाटाइट (Natrocarbonatite Lava) है। यह लावा तंजानिया के ओल दोइन्यो लेंगाई (Ol Doinyo Lengai) ज्वालामुखी से निकलता है । Guinness World Records के अनुसार, इसका तापमान करीब 500 से 600 डिग्री सेल्सियस होता है।

बाकी Lava से इतनी अलग क्यों?Image Credit : IStock03 / 08

बाकी Lava से इतनी अलग क्यों?

सुनने में यह तापमान कम लग सकता है, लेकिन इसे बिल्कुल भी सुरक्षित या छूने लायक न समझें। यह फिर भी बेहद खतरनाक और जानलेवा रूप से गर्म है। बता दें कि सामान्य बेसाल्टिक लावा आमतौर पर करीब 1,100 से 1,200 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर निकलता है। इसके मुकाबले ओल दोइन्यो लेंगाई (Ol Doinyo Lengai) की नैट्रोकार्बोनाटाइट लावा लगभग आधे तापमान पर ही बहता है।

अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों?Image Credit : IStock04 / 08

अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों?

इसका जवाब छिपा है इसकी रासायनिक संरचना में। ज्यादातर ज्वालामुखियों से निकलने वाली लावा सिलिका से भरपूर होती है, लेकिन ओल दोइन्यो लेंगाई (Ol Doinyo Lengai) की लावा (Lava) मुख्य रूप से सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम वाले कार्बोनेट खनिजों से जुड़ी होती है। इसी खास रसायन की वजह से यह कम तापमान पर पिघली हुई अवस्था में रह सकती है।

लाल नहीं, काली दिखती है यह LavaImage Credit : IStock05 / 08

लाल नहीं, काली दिखती है यह Lava

इस लावा को लेकर इससे भी दिलचस्प बात ये है कि जब भी हम लावा (Lava) की तस्वीर या वीडियो देखते हैं तो अक्सर वह चमकती हुई लाल या नारंगी रंग की दिखाई देती है लेकिन ओल दोइन्यो लेंगाई (Ol Doinyo Lengai) की ताजा लावा (Lava) कई बार कीचड़ की तरह काली या गहरे भूरे रंग की दिखाई देती है। इसी वजह से इसे देखकर पहली नजर में ऐसा लग सकता है जैसे कोई काला, गाढ़ा तरल या कीचड़ बह रहा हो।

पानी की तरह बह सकती हैImage Credit : IStock06 / 08

पानी की तरह बह सकती है

इस लावा (Lava) की एक और हैरान करने वाली खासियत है इसकी कम चिपचिपाहट यानी कम viscosity. यह सामान्य लावा (Lava) की तुलना में बहुत ज्यादा पतली होती है और काफी तेजी से बह सकती है। Guinness World Records भी इसे बेहद कम चिपचिपाहट (viscosity) वाली लावा Lava बताता है।

ठंडी होकर बदल जाता है रंगImage Credit : IStock07 / 08

ठंडी होकर बदल जाता है रंग

इस लावा (Lava) का कमाल सिर्फ निकलते समय तक ही नहीं दिखता बल्कि हवा और नमी के संपर्क में आने के बाद इसका रंग भी बदल जाता है। इसका ताजा लावा (Lava) काले रंग का दिखाई देता है लेकिन ठंडा होने के बाद यह सफेद रंग का हो जाता है। इसकी वजह वातावरण में मौजूद नमी के साथ इसके खनिजों की प्रतिक्रिया है। यानी एक ही Lava को अलग-अलग समय पर देखें तो वह पहले काली और बाद में सफेद नजर आने लगता है।

धरती का बेहद खास ज्वालामुखी (Volcano)Image Credit : IStock08 / 08

धरती का बेहद खास ज्वालामुखी (Volcano)

ओल दोइन्यो लेंगाई (Ol Doinyo Lengai) उत्तरी तंजानिया में स्थित है और इसे पृथ्वी का एकमात्र सक्रिय कार्बोनेटाइट ज्वालामुखी (carbonatite volcano) माना जाता है। यही वजह है कि वैज्ञानिकों के लिए भी यह ज्वालामुखी बेहद खास है।

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