प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण में खुद को खो देने के लिए अगर आप किसी शानदार टूरिस्ट डेस्टिनेशन की तलाश में हैं तो फिर मैक्लोडगंज का रुख कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में स्थित मैक्लोडगंज ना केवल भारतीयों के लिए बल्कि रूस से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
मैक्लोडगंज की यात्रा के दौरान आपको वहां काफी संख्या में रशियन पर्यटक देखने को मिल जाएंगे। यहां की तिब्बती संस्कृति और और शांत वातावरण से प्रभावित होकर रशियन पर्यटक इसे अब अपना दूसरा घर मानने लगे हैं।
मैक्लोडगंज की तिब्बती संस्कृति और आध्यात्मिकता रूसी पर्यटकों को सबसे ज्यादा लुभाती है। तिब्बती संस्कृति का प्रभाव यहां साफ देखने को मिलता है जिसके चलते रूसी पर्यटक यहां समय बिताना काफी पसंद करते हैं।
लिटिल ल्हासा के नाम से फेमस मैक्लोडगंज में ऐसे कई कैफे हैं जो रूसी संस्कृति से प्रभावित हैं। यहां आकर रूसी पर्यटकों को अपने देश में ही रहने का अपनापन वाला एहसास हो जाता है।
आध्यात्मिक एकांत की तलाश भी रूसी पर्यटकों को मैक्लोडगंज की ओर ले जाती है। अन्य किसी भी हिल स्टेशन की तुलना में मैक्लोडगंज कम भीड़भाड़ वाली जगह है जहां शांति और सुकून दोनों का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
यात्रा के दौरान रूसी पर्यटक- त्सुगलाकंग परिसर (दलाई लामा का मुख्य मंदिर), नमग्याल मठ (दलाई लामा का व्यक्तिगत मठ), तुषिता मेडिटेशन सेंटर, त्रिउंड ट्रेक और भागसू जलप्रपात के दीदार करना पसंद करते हैं।