दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई का सिलसिला शुरू हो जाता है। दरअसल, लंबे समय से जमा धूल, मिट्टी, फफूंद के कण और धूल के छोटे-छोटे जीव यानी डस्ट माइट्स सफाई के दौरान हवा में फैल जाते हैं। इन्हें सांस के जरिए अंदर लेने से कुछ लोगों को छींक, खांसी, नाक बहने, आंखों में खुजली और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में दिवाली की सफाई करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
घर के पर्दों, गद्दों, सोफे, कालीन और अलमारियों के कोनों में लंबे समय तक धूल जमा होती रहती है। जब इन्हें झाड़ा जाता है, तो धूल के बारीक कण हवा में फैल जाते हैं। इससे बचने के लिए सूखे कपड़े से धूल उड़ाने के बजाय हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें। इससे हवा में धूल फैलने की आशंका कम हो सकती है।
अक्सर लोग सफाई करते समय मास्क पहनने को जरूरी नहीं समझते, जबकि धूल के बारीक कण नाक और सांस के रास्ते शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इससे छींक, गले में खराश, खांसी और सांस संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। सफाई करते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनना उपयोगी हो सकता है।
दिवाली की सफाई में फर्श साफ करने वाले लिक्विड, ब्लीच, तेज खुशबू वाले क्लीनर और रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल बढ़ जाता है। इन उत्पादों से निकलने वाली तेज गंध और कुछ रासायनिक वाष्प सांस की नलियों में जलन पैदा कर सकते हैं। इसलिए सफाई के लिए कम खुशबू वाले या बिना खुशबू वाले उत्पाद चुनें और कमरे में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था रखें।
बाथरूम, रसोई, स्टोर रूम और दीवारों के सीलन वाले हिस्सों में फफूंद पनप सकती है। इसकी मौजूदगी कुछ लोगों में एलर्जी के लक्षण बढ़ा सकती है। सफाई के दौरान फफूंद को जोर से रगड़ने या सूखे तरीके से हटाने पर इसके कण हवा में फैल सकते हैं। ऐसे हिस्सों की सफाई करते समय दस्ताने पहनें और उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
जिन लोगों को पहले से अस्थमा, एलर्जिक राइनाइटिस या सांस की कोई परेशानी है, उन्हें दिवाली की सफाई के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। लगातार कई घंटों तक धूल के संपर्क में रहने से लक्षण बढ़ सकते हैं। डॉक्टर की सलाह से दी गई दवाएं और निर्धारित इनहेलर अपने पास रखें। सफाई के दौरान लगातार खांसी, सीने में जकड़न या सांस फूलने लगे, तो तुरंत काम रोककर धूल से दूर हो जाएं।
सफाई के बाद कमरे की सतहों पर बैठी धूल को हटाने के लिए गीले कपड़े का इस्तेमाल करें। इस्तेमाल किए गए कपड़ों और चादरों को अच्छी तरह धोएं। धूल भरे काम के तुरंत बाद पंखा चलाने से बचें, क्योंकि इससे बचे हुए धूल के कण दोबारा हवा में फैल सकते हैं। घर में हवा का उचित आवागमन बनाए रखें।