जहां भारतीयों की एंट्री थी बैन, 202 साल पुराना है हिल स्टेशन, कुत्तों से की जाती थी तुलना

Mussoorie Uttarakhand: हर प्राचीन जगह और हिल स्टेशन अपने में अनोखी और दिलचस्प कहानी समेटे हुए है। यात्रा के दौरान अगर आपको घूमने वाली जगह का इतिहास पता हो तो फिर आप उस जगह को गहराई से महसूस कर सकते हैं। इसी कड़ी में आज हम बात करने जा रहे हैं भारत के सबसे पहले हिल स्टेशन के बारे में जहां एक समय भारतीयों की एंट्री पर ही बैन लगा हुआ था।

Authored by: प्रभात शर्माUpdated May 6 2025, 10:28 IST
​हिल स्टेशन​01 / 06

​हिल स्टेशन​

भारत में हिल स्टेशन की भरमार है। शांति के 2 पल बिताने के लिए पर्यटक हिल स्टेशन का रुख करते हैं। इस बार आप भारत के पहले हिल स्टेशन की यात्रा करने का प्लान कर सकते हैं जिसकी कहानी अलग और अनूठी है।

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​देश का पहला हिल स्टेशन​

शायद ही आपको इस बारे में जानकारी हो कि देश का पहला हिल स्टेशन मनाली या शिमला नहीं बल्कि मसूरी है। पहाड़ों की रानी के नाम से मशहूर मसूरी को अंग्रेजों ने 1823 में बसाया था।

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​भारतीय लोग की एंट्री थी बैन​

अंग्रेजों ने 1820 में मसूरी में जमीन खरीदी और इसे हिल स्टेशन के रूप में डेवलप किया था। गौर करने वाली बात ये थी कि उन्होंने यहां भारतीय लोगों के प्रवेश पर ही पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।

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​इंडियंस एंड डॉग्स नॉट अलाउड​

भारतीय लोग मसूरी में प्रवेश ना कर सकें इसके लिए उस वक्त वहां मॉल रोड पर 'इंडियंस एंड डॉग्स नॉट अलाउड' जैसे शब्द लिखे गए थे। हालांकि, उस वक्त भी इस बात को लेकर जमकर विरोध किया गया था।

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​मसूरी के प्रमुख आकर्षण​

केम्प्टी फॉल्स, गन हिल, मसूरी झील, लाल टिब्बा, कैमल्स बैक रोड मसूरी के प्रमुख आकर्षण हैं। अगर आप मसूरी घूमने का प्लान कर रहे हैं तो वहां आपको बजट फ्रेंडली होटलों से लेकर लक्जरी रिसॉर्ट्स सबकुछ मिल जाएगा।

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​यात्रा का सर्वोत्तम समय​

गर्मियों में मसूरी का मौसम बहुत सुहावना होता है। अप्रैल से जून के बीच आप यहां पर ट्रैवल के लिए जा सकते हैं। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए आप नवंबर से फरवरी माह के बीच यहां जा सकते हैं।