घूमने-फिरने के शौकीन पर्यटक भारत की यात्रा करना बेहद पसंद करते हैं। रूस से तमाम पर्यटक भी हर साल भारत आते हैं लेकिन, भारत में एक ऐसी प्यारी सी जगह छिपी है जहां रशियन आना बेहद पसंद करते हैं।
धर्मशाला के पास स्थित हिल स्टेशन मैक्लोडगंज रशियन टूरिस्ट की फेवरेट ट्रैवल डेस्टिनेशन में से एक है। धर्मशाला से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर धौलाधार पर्वत श्रृंखला की तलहटी में मैक्लोडगंज बसा हुआ है।
रूस के लोग मैक्लोडगंज की ओर तिब्बती संस्कृति और आध्यात्मिकता के कारण प्रभावित होते हैं। तिब्बती संस्कृति का प्रभाव मैक्लोडगंज पर साफ देखने को मिलता है। अन्य पर्यटन स्थलों की तुलना में अपेक्षाकृत मैक्लोडगंज सस्ता भी है।
मैक्लोडगंज को लिटिल ल्हासा के नाम से भी जाना जाता है। मैक्लोडगंज में ऐसे ढेर सारे कैफे हैं जो रूसी संस्कृति से प्रभावित हैं ऐसे में उन्हें यहां आकर अपने देश वाली ही वाइब आती है।
भारत के अन्य किसी भी हिल स्टेशन की तुलना में मैक्लोडगंज में कम भीड़ होती है। आध्यात्मिक एकांत की तलाश में भी रूस से पर्यटक यहां आना बेहद पसंद करते हैं। यहां का शांति और सुकून पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है।
दलाई लामा का मुख्य मंदिर- त्सुगलाकंग परिसर, दलाई लामा का व्यक्तिगत मठ- नमग्याल मठ, तुषिता मेडिटेशन सेंटर, त्रिउंड ट्रेक, भागसू जलप्रपात रूसी पर्यटकों के पसंदीदा स्थल हैं।