देशभर में एक नया और खतरनाक साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसमें साइबर अपराधी खुद को डिलीवरी या कूरियर सर्विस का एजेंट बताकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग लोगों को कॉल कर पार्सल कन्फर्म या डिलीवरी रीशेड्यूल करने के बहाने जाल में फंसाते हैं, जिसके बाद एक छोटी सी गलती भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
इस फ्रॉड में ठग पीड़ित को एक SMS भेजते हैं और उसे *21* से शुरू होने वाला एक USSD कोड डायल करने के लिए कहते हैं। यह कोड किसी धोखेबाज के मोबाइल नंबर से जुड़ा होता है। जैसे ही पीड़ित यह कोड डायल करता है, उसके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग अपने आप एक्टिव हो जाती है।
कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव होने के बाद बैंक से आने वाली कॉल्स, पेमेंट OTP, और WhatsApp या Telegram जैसे ऐप्स के वेरिफिकेशन कॉल सीधे साइबर अपराधियों के नंबर पर फॉरवर्ड हो जाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि पीड़ित के बैंक अकाउंट से अनधिकृत लेनदेन हो सकता है और सोशल मीडिया अकाउंट भी हैक हो सकता है।
साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान कॉलर द्वारा भेजे गए *21*, *61*, *67* या ऐसे ही अन्य कोड कभी भी डायल न करें। ये कोड आपके फोन की सेटिंग्स बदलकर आपको ठगी का शिकार बना सकते हैं।
अगर गलती से आपके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग चालू हो गई है, तो तुरंत ##002# डायल करें। यह कोड सभी तरह की कॉल फॉरवर्डिंग (फोन बिजी, फोन बंद या कॉल न उठने की स्थिति में) को तुरंत बंद कर देता है।
किसी भी अनजान नंबर से आए कूरियर या डिलीवरी से जुड़े लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह SMS, WhatsApp या ईमेल के जरिए ही क्यों न आया हो। अक्सर ऐसे लिंक फर्जी होते हैं और आपके फोन या बैंक डिटेल्स तक पहुंच बनाने के लिए भेजे जाते हैं।
अगर किसी पार्सल को लेकर संदेह हो, तो सीधे संबंधित कूरियर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर हेल्पलाइन से ही जानकारी कन्फर्म करें। अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।
अगर आप इस तरह के किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर की गई शिकायत से नुकसान को रोका जा सकता है।