त्रिकोणीय सीरीज में भारत ए, श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए की टीमें शामिल थीं। जिसमें हर टीम ने एक-दूसरे के खिलाफ लीग चरण में दो-दो मैच खेले। इसके बाद फाइनल मुकाबले में भारत ए और श्रीलंका-ए की भिड़ंत हुई। जिसे भारतीय टीम ने जीतकर ट्रॉफी अपने नाम किया।
फाइनल मुकाबले में भारत की जीत के हीरो 15 साल के वैभव सूर्यवंशी रहे। फाइनल में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के जड़े। उनका स्ट्राइक रेट 324 से ज्यादा रहा। वैभव की इसी पारी ने मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, वैभव टूर्नामेंट के टॉप-5 रन स्कोरर में शामिल नहीं रहे। उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 211 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में छठे नंबर पर रहे।
पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन श्रीलंका-ए के अविष्का फर्नांडो ने बनाए। फर्नांडो ने 5 मैचों में 72.00 की औसत से 288 रन जुटाए। इस दौरान उन्होंने 2 शतक भी लगाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 110 रन रहा। फर्नांडो ने 114.28 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 39 चौके और 4 छक्के भी लगाए।
ट्राई सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-6 बल्लेबाजों में भारत-ए के तीन बल्लेबाज शामिल रहे। तिलक वर्मा ने भारत की तरफ से सबसे अधिक 275 रन बनाए। वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में ओवरऑल दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने पांच मैचों में 4 अर्धशतक लगाए। वही रितुराज गायकवाड़ 274 रन बनाकर ओवरऑल तीसरे नंबर पर रहे, जिसमें एक शतक शामिल है। वैभव सूर्यवंशी ने भी 5 मैच में 211 रन बनाए और छठे नंबर पर रहे।
ट्राई सीरीज में गेंदबाजी में अफगानिस्तान-ए के फरमानुल्लाह ने सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने सबसे ज्यादा 10 विकेट अपने नाम किए। फरमानुल्लाह ने 4 मैचों में 34.1 ओवर गेंदबाजी करके 10 विकेट झटके। इस दौरान उन्होंने 255 रन दिए और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/68 रहा। उनकी औसत 25.50 और इकॉनमी 7.46 की रही। वह टूर्नामेंट में 10 विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं।
वहीं विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर श्रीलंका-ए के के. मथुलन रहे। मथुलन ने 4 मैचों में 26 ओवर फेंककर 8 विकेट हासिल किए। उन्होंने 195 रन दिए और उनका बेस्ट 3/38 रहा। उनकी गेंदबाजी औसत 24.37 और इकॉनमी 7.50 की रही। टॉप-5 में श्रीलंका-ए के वह अकेले गेंदबाज हैं।
भारत-ए के लिए अनुकूल रॉय और विप्रज निगम सबसे सफल गेंदबाज रहे। दोनों ने 7-7 विकेट अपने नाम किए। अनुकूल ने 5 मैच में 38 ओवर में सिर्फ 4.86 की इकॉनमी से 185 रन देकर 7 विकेट लिए। वहीं विप्रज निगम ने 39 ओवर में 210 रन देकर 7 विकेट झटके। अनुकूल रॉय टॉप-5 गेंदबाजों में सबसे किफायती रहे।
भारत-ए के युवा वैभव सूर्यवंशी टूर्नामेंट के सबसे आक्रामक बल्लेबाज साबित हुए। उन्होंने सिर्फ 105 गेंदों का सामना कर 200.95 के स्ट्राइक रेट से 211 रन बनाए। सूर्यवंशी ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 11 छक्के और 29 चौके लगाए। फाइनल में भी उन्होंने 29 गेंदों पर 94 रन की पारी खेली, जिसमें 8 छक्के शामिल थे।