दक्षिण अफ्रीका और मेजबान जिम्बाब्वे के बीच बुलावायो में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीकी टीम के बल्लेबाजों ने ऐसी रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी की है, कि मैच की अंतिम पारी आते-आते एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बन चुका है। एक ऐसा कमाल जो आज तक कोई टीम नहीं कर सकी है।
मेजबान जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रहे पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में दो बल्लेबाजों के शतकों के बाद 9 विकेट पर 418 रन बनाकर पारी घोषित की थी। इसके बाद जिम्बाब्वे को उसकी पहली पारी में 251 रन पर ऑल-आउट किया।
दक्षिण अफ्रीका ने जिम्बाब्वे की पारी समेटने के बाद अपनी दूसरी पारी में भी बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। उन्होंने इस पारी में ऑल-आउट होने से पहले 369 रनों का बड़ा स्कोर बना डाला।
दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका की तरफ से ऑलराउंडर वियान मुल्डर ने कमाल किया, जिन्होंने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी खेली। मुल्डर ने 147 रन बनाते हुए दक्षिण अफ्रीका को बैकफुट पर ढकेला। इससे पहले उन्होंने गेंदबाजी के दौरान भी 4 विकेट झटके थे।
वहीं इस सीरीज में टीम की कप्तानी कर रहे केशव महाराज ने जहां पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके थे। वहीं जब बल्लेबाजी की बारी आई तो उन्होंने नौवें नंबर पर खेलते हुए 70 गेंदों में 51 रनों की शानदार पारी भी खेल डाली, जिसके दम पर दक्षिण अफ्रीका ने 369 रन बनाए और जिम्बाब्वे के सामने एक ऐसा लक्ष्य रख दिया जो आज तक टेस्ट क्रिकेट इतिहास में किसी ने नहीं बनाया था।
इसी के साथ दक्षिण अफ्रीकी टीम ने जिम्बाब्वे के सामने 537 रनों का विशाल लक्ष्य रख दिया जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। दरअसल, जिम्बाब्वे के 33 सालों के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी टीम ने उनके सामने इतना बड़ा लक्ष्य रखा है।
टेस्ट क्रिकेट में जिम्बाब्वे ने आज तक सिर्फ 14 मैच जीते हैं और लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी सबसे बड़ी जीत इसी साल की शुरुआत में बांग्लादेश के खिलाफ आई थी जब उन्होंने 174 रनों का टारगेट हासिल कर लिया था।