क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान थॉमस रेव ने शतक जड़ा। जिसकी बदौलत इंग्लैंड 7 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाने में सफल रहा।
फाइनल में जगह बनाने के लिए डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 278 रन बनाने थे। टारगेट का पीछा करने उतरी कंगारू टीम ने तेज शुरुआत की, लेकिन जल्द ही इंग्लैंड के गेंदबाजों ने वापसी कर ली।
तीन विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ओलिवर पीक ने मोर्चा संभाला। धैर्य दिखाते हुए ओलिवर ने 55 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया को जब पांच ओवर में 54 रन चाहिए थे तो पीक ने 46वें ओवर में क्रैंप होने के बावजूद 22 रन बनाए।
इसके बाद 85 गेंद पर 10 चौके और एक सिक्स की मदद से टूर्नामेंट में अपना दूसरा शतक पूरा किया। यह ओलिवर का ऐतिहासिक शतक रहा। वह अंडर-19 कप के नॉकआउट मुकाबले (सेमीफाइनल) में शतक बनाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और कप्तान बने। साथ ही एक स्पेशल क्लब में एंट्री मारी।
ओलिवर पीक अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में शतक जड़ने वाले 8वें खिलाड़ी बने। इससे पहले रवनीत रिकी बनाम ऑस्ट्रेलिया (2002), चेतेश्वर पुजारा बनाम इंग्लैंड (2006), शुभमन गिल बनाम पाक (2018), यशस्वी जायसवाल बनाम पाक (2020), महमुदुल हसन जॉय बनाम न्यूजीलैंड (2020), यश ढुल बनाम ऑस्ट्रेलिया (2022) यह कमाल कर चुके हैं।
यह शतक ओलिवर का इस टूर्नामेंट में उनका दूसरा शतक रहा। इससे पहले सुपर-6 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपना पहला शतक जड़ा था। अंडर-19 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान ओलिवर पीक का यह पहला शतक रहा। ओलिवर के नाम यूथ वनडे में अब तीन शतक दर्ज हो चुके हैं।
मैच के दौरान ओलिवर पीक के पैर में क्रैंप आ गया था। वह साल 2023 वनडे वर्ल्ड के दौरान मैक्सवेल की स्थिति में आ गए थे, जब अफगानिस्तान के खिलाफ रनचेज करते हुए मैक्सवेल के पैर में दर्द हो रहा था और ऐतिहासिक दोहरा शतक जड़कर टीम जीत दिलाई थी। हालांकि, पीक अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके, लेकिन क्रिकेट फैंस का दिल जीत गए।