खुलने वाली है इन 5 राशि वालों की किस्मत, गुरु का सिंह में जाना देगा मोटा पैसा

Guru Gochar In Leo 2026: देवगुरु बृहस्पति अक्टूबर के अंत में अतिचारी चाल चलते हुए सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके साथ ही कुछ राशि वालों का भाग्योदय हो जाएगा। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।

Authored by: Mohit TiwariUpdated Oct 19 2026, 14:04 IST
सिंह में पहुंचेंगे गुरु01 / 06

सिंह में पहुंचेंगे गुरु

Guru Gochar In Leo 2026: देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026 को अतिचारी चाल चलते हुए कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, भाग्य, शिक्षा, संतान, विवाह और समृद्धि का कारक माना जाता है। सिंह राशि में प्रवेश के बाद गुरु का प्रभाव करियर, नेतृत्व क्षमता, क्रिएटिव कामों और आर्थिक फैसलों से जुड़े मामलों पर देखने को मिल सकता है। इस गोचर की खास बात यह है कि गुरु कर्क राशि में उच्च अवस्था से निकलकर सूर्य की राशि सिंह में पहुंचेंगे। सूर्य और गुरु को ज्योतिष में मित्र ग्रह माना जाता है। ऐसे में सिंह राशि में गुरु की स्थिति नेतृत्व, आत्मविश्वास, सम्मान और अपनी प्रतिभा को सामने लाने के अवसरों से जुड़ी मानी जाती है। हालांकि, इस दौरान सिंह राशि में केतु की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रहेगी। गुरु-केतु का राशि-स्तरीय संयोग कुछ मामलों में नए अवसर देने के साथ पुराने फैसलों पर दोबारा विचार करने की स्थिति भी बना सकता है।गुरु 13 दिसंबर 2026 को वक्री होंगे और 25 जनवरी 2027 को वापस कर्क राशि में लौट जाएंगे। ऐसे में सिंह राशि में उनका पहला गोचर कुछ ही महीनों का रहेगा। इसका असर समझते समय जन्म राशि से गुरु के भाव और उनकी दृष्टियों को देखना जरूरी है। आइए जानते हैं कि किन राशियों के लिए यह गोचर ज्यादा अनुकूल रह सकता है।

​मेष राशि​02 / 06

​मेष राशि​

मेष राशि वालों के लिए गुरु का सिंह राशि में प्रवेश पांचवें भाव में होगा। ज्योतिष में पांचवां भाव बुद्धि, शिक्षा, संतान, प्रेम संबंधों और क्रिएटिविटी से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए अपनी पढ़ाई पर फोकस बढ़ाने और किसी अहम परीक्षा की तैयारी को बेहतर करने का समय रह सकता है। मीडिया, लेखन, मार्केटिंग, डिजाइनिंग और मनोरंजन से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के नए मौके मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को किसी प्रोजेक्ट में अपनी स्किल्स साबित करने का अवसर मिल सकता है। गुरु की दृष्टि आपकी राशि पर भी पड़ेगी, जिससे आत्मविश्वास और फैसले लेने की क्षमता को मजबूती मिलने के संकेत हैं। हालांकि, गुरु-केतु के संयोग के कारण किसी नए आइडिया को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साहित होने के बजाय उसकी पूरी प्लानिंग करना बेहतर रहेगा। निवेश या सट्टे से जुड़े फैसलों में जोखिम समझे बिना पैसा लगाने से बचें।

​तुला राशि​03 / 06

​तुला राशि​

तुला राशि वालों के लिए सिंह राशि में गुरु का गोचर ग्यारहवें भाव में होगा। ज्योतिष में इस भाव को इनकम, उपलब्धियों, इच्छाओं की पूर्ति और सामाजिक संपर्कों से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से यह गोचर तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक और प्रोफेशनल मामलों में महत्वपूर्ण रह सकता है। नौकरी करने वालों को किसी पुराने संपर्क से नई जॉब या प्रोजेक्ट की जानकारी मिल सकती है। बिजनेस करने वाले लोग नए क्लाइंट्स जोड़ने, पुराने ग्राहकों से दोबारा काम हासिल करने या अपने नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल करने की योजना बना सकते हैं। गुरु की पांचवीं दृष्टि पंचम भाव पर पड़ेगी, जिससे शिक्षा, क्रिएटिव कामों और अपनी प्रतिभा को कमाई से जोड़ने की कोशिशों को बढ़ावा मिल सकता है। प्रेम संबंधों में भी भविष्य को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है। हालांकि, गुरु-केतु के संयोग के कारण हर प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार करना सही नहीं होगा। किसी भी आर्थिक समझौते को अंतिम रूप देने से पहले उसकी शर्तें और वास्तविक लाभ जांच लें।

​कर्क राशि​04 / 06

​कर्क राशि​

कर्क राशि वालों के लिए गुरु का सिंह राशि में गोचर दूसरे भाव में होगा। यह भाव धन, सेविंग्स, परिवार और वाणी से जुड़ा है। ऐसे में इस राशि के जातक अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने, खर्चों को व्यवस्थित करने और लंबे समय से अटके भुगतान पर काम करने की कोशिश कर सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अपनी सैलरी, इंसेंटिव या अतिरिक्त कमाई के अवसरों पर बातचीत करने का मौका मिल सकता है। बिजनेस करने वाले लोगों के लिए पुराने क्लाइंट्स के साथ संबंध मजबूत करना और कमाई के नए रास्ते तलाशना उपयोगी रह सकता है। गुरु की नौवीं दृष्टि दसवें भाव पर पड़ेगी, जिसे करियर और प्रोफेशनल पहचान से जोड़ा जाता है। यह स्थिति कामकाज में आगे बढ़ने के प्रयासों को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, गुरु के कर्क से सिंह में जाने पर आर्थिक मामलों को लेकर नई प्राथमिकताएं बन सकती हैं। ज्यादा कमाई की उम्मीद में गैरजरूरी जोखिम लेने के बजाय सेविंग्स और बजट पर ध्यान देना बेहतर होगा।

​धनु राशि​05 / 06

​धनु राशि​

धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु हैं। सिंह राशि में उनका प्रवेश आपकी राशि से नौवें भाव में होगा। ज्योतिष में नौवां भाव भाग्य, उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा, धर्म और गुरुजनों से जुड़ा माना जाता है। इस वजह से यह गोचर धनु राशि वालों के लिए भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में मददगार रह सकता है। उच्च शिक्षा हासिल करने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सही दिशा मिल सकती है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अपने करियर की रणनीति पर दोबारा काम करने या नए अवसर तलाशने का मौका मिल सकता है। विदेश से जुड़े काम, ट्रेनिंग, रिसर्च और ज्ञान बढ़ाने वाली गतिविधियों में भी रुचि बढ़ सकती है। गुरु की पांचवीं दृष्टि आपकी राशि पर पड़ेगी, जबकि नौवीं दृष्टि पंचम भाव को प्रभावित करेगी। इससे आत्मविश्वास, सीखने की क्षमता और क्रिएटिव कामों को बढ़ावा मिलने की संभावना बनती है। हालांकि, केवल भाग्य के भरोसे रहने के बजाय अपनी तैयारी और मेहनत जारी रखना जरूरी होगा।

​कुंभ राशि​06 / 06

​कुंभ राशि​

कुंभ राशि वालों के लिए गुरु का सिंह राशि में गोचर सातवें भाव में होगा। यह भाव शादी, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनरशिप, क्लाइंट्स और सार्वजनिक संपर्कों से जुड़ा है। ऐसे में कुछ जातकों को रिश्तों में भविष्य को लेकर बातचीत करने या किसी पुराने मतभेद को सुलझाने का अवसर मिल सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए नए पार्टनर, क्लाइंट्स या कारोबारी समझौते पर चर्चा आगे बढ़ सकती है। नौकरी में भी लोगों के साथ तालमेल बनाकर काम करने का फायदा मिल सकता है। गुरु की सातवीं दृष्टि आपकी राशि पर और पांचवीं दृष्टि ग्यारहवें भाव पर पड़ेगी, जिससे व्यक्तिगत योजनाओं और नेटवर्क के जरिए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सिंह राशि में केतु की मौजूदगी के कारण पार्टनरशिप और रिश्तों में स्पष्टता बनाए रखना खास तौर पर जरूरी होगा। किसी वादे या मौखिक भरोसे को अंतिम मानने के बजाय जरूरी शर्तें लिखित रूप में तय करें। इस राशि के लिए गोचर अवसर देने वाला हो सकता है, लेकिन सही चुनाव करना भी उतना ही जरूरी रहेगा।

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