आमतौर पर अप्रैल माह में दिखाई देने वाले चांद को 'पिंक मून' कहा जाता है। पिछले माह दुनिया ने 'खूनी चांद' (Blood Moon) देखा था, लेकिन अब 'पिंक मून' देखने का समय आ रहा है। पिंक मून को 'पास्कल मून' भी कहा जाता है।
लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, पिंक मून शनिवार 12 अप्रैल की शाम करीब 7:49 बजे दिखाई देगा और रविवार 13 अप्रैल की सुबह 6:14 बजे अस्त होगा।
'पिंक मून' देखने का सबसे बढ़िया समय 12 अप्रैल की रात 8:22 बजे है। अगर आप इस आकाशीय घटना को देखना मिस कर देते हैं तो आपके पास 13 अप्रैल की सुबह तक का समय है। इस बार की पूर्णिमा माइक्रोमून भी है।
अप्रैल माह का फुल मून कुछ समय के लिए पिंक भी दिख सकता है, लेकिन ऐसा वातावरण पर निर्भर करता है। इस चांद को 'पिंक मून' नाम 'फ्लॉक्स सुबुलता' की वजह से मिला, जो वसंत ऋतु में खिलने वाला एक फूल है जिसका रंग गुलाबी होता है।
पिंक मून के बाद दुनिया फ्लावर मून का दीदार करेगी। अगली पूर्णिमा का चांद, जिसे हम फ्लावर मून के नाम से जानते हैं, 12 मई को दिखाई देगा।
भारत में 13 अप्रैल को सुबह 5:00 बजे 'पिंक मून' दिखाई देगा। चांद को यह नाम मूल अमेरिकी परंपराओं से मिला है जिसका मतलब साफ है कि चांद का रंग गुलाबी नजर नहीं आने वाला है।
इस माह का पूर्ण चांद माइक्रोमून भी है जिसका मतलब साफ है कि सुपरमून के विपरीत यह छोटा दिखाई देगा। माइक्रोमून तब होता है जब चांद पृथ्वी से अपने सबसे दूरस्थ बिंदु पर होता है जिसे अपोजी कहा जाता है।